
बिहार में छात्र आंदोलन के बाद सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने घोषणा की है कि आंदोलन के दौरान शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वाले छात्रों और युवाओं पर दर्ज एफआईआर वापस ली जाएगी। साथ ही गिरफ्तार किए गए प्रदर्शनकारियों को भी राहत देने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह फैसला सरकार और आंदोलनकारी प्रतिनिधियों के बीच हुई बातचीत के बाद लिया गया।
सरकार ने स्पष्ट किया कि जिन छात्रों और युवाओं पर केवल शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने के कारण मामले दर्ज हुए हैं, उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस लेने की कार्रवाई की जाएगी। वहीं हिंसा, आगजनी, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या गंभीर आपराधिक मामलों में शामिल लोगों पर यह राहत लागू नहीं होगी।
हाल के दिनों में बिहार में परीक्षा व्यवस्था और पेपर लीक के मुद्दे पर बड़े पैमाने पर छात्र आंदोलन हुए थे। प्रदर्शन के दौरान कई जगह पुलिस कार्रवाई हुई और बड़ी संख्या में छात्रों को हिरासत में लिया गया था। इन मामलों को लेकर विपक्ष और छात्र संगठनों ने सरकार की आलोचना की थी।
सरकार के इस फैसले को छात्र आंदोलन के बाद एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि छात्र संगठनों का कहना है कि वे तब तक आंदोलन पूरी तरह समाप्त नहीं मानेंगे, जब तक सभी गिरफ्तार छात्रों की रिहाई और सभी पात्र मामलों में एफआईआर वापस लेने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती।