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PRO JS BHIND

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खाद्य सुरक्षा विभाग अधिकारियों ने तहसील मिहोना और भिण्ड में की सख्त कार्यवाही

50 किलोग्राम मावा, 32 किलो वनस्पति एवं 13.8 किलोग्राम ग्लूकोज पाउडर किया जप्त

होटलों से लिए नमूने, सूर्या ढ़ाबा को दिया नोटिस

कलेक्टर भिण्ड एवं अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा प्रशासन के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों द्वारा तहसील मिहोना और भिण्ड में सख्त कार्यवाही की गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती किरन सेंगर ने ग्वालियर रोड़ स्थित सूर्या ढ़ाबा, जय गुरुदेव भोजनालय, विरासत होटल और खाना कंपनी की किचिन में बन रहे खाने की जांच की एवं सभी होटलों से पनीर के नमूने जांच वास्ते एकत्र किए। 

सूर्या ढ़ाबा की किचिन में स्वच्छता एवं अन्य अनियमितताएं पाए जाने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 32 के अंतर्गत नोटिस जारी करने की कार्रवाई की गई। खाद्य सुरक्षा अधिकारी कु. रेखा सोनी ने तहसील मिहोना के ग्राम चांदोख स्थित उत्तम डेयरी पर छापामार कार्रवाई कर दूध में वनस्पति और ग्लूकोज पाउडर मिलाकर मावा बनाते हुए पकड़ा।

डेयरी संचालक उत्तम शर्मा से दूध मावा वनस्पति और ग्लूकोज पाउडर के नमूने जांच वास्ते लेकर 50 किलोग्राम मावा, 32 किलो वनस्पति एवं 13.8 किलोग्राम ग्लूकोज पाउडर जप्त किया। रजिस्ट्रीकरण प्राधिकारी रेखा सोनी ने उत्तम डेयरी का खाद्य रजिस्ट्रेशन निलंबित किया।
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खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने तहसील मिहोना एवं मौ कस्बे में विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का किया सघन निरीक्षण

ड्रिंकिंग वाटर का लिया नमूना, पाम ऑयल के 20 टीन किये जप्त

कलेक्टर भिण्ड के आदेशानुसार एवं अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा प्रशासन भिण्ड के मार्गदर्शन में आज तहसील मिहोना एवं मौ कस्बे में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का सघन निरीक्षण किया।
तहसील मिहोना में खाद्य सुरक्षा अधिकारी कु. रेखा सोनी ने मछण्ड स्थित बलवान डेयरी से घी व मावा का नमूना, ग्राम रजपुरा स्थित कृष्णा डेयरी से मावा का नमूना एवं अशोक डेयरी से मावा व घी के नमूने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के अंतर्गत जांच वास्ते लिए।

मौ कस्बे में खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती रीना बंसल ने रहीम मिनरल वाटर से ड्रिंकिंग वाटर का नमूना लिया व मेवाराम राधेश्याम किराना से अमृत रिफाइंड पाम ऑयल का नमूना लेकर, पाम ऑयल के 20 टीन जप्त किये, जिनकी कीमत लगभग 50,000/- रूपये है।
खाद्य सुरक्षा अधिकारी श्रीमती रीना बंसल ने मौ कस्बे में विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर, उन पर पाए गए खाद्य पदार्थों दालें, मसाले, चीनी, नमक आदि का चलित खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला के माध्यम से मौके पर ही जांच की। 

मौके पर उपस्थित आम नागरिकों को खाद्य पदार्थों में मिलावट को पहचानने व मिलावट के प्रति जागरूक रहने हेतु समझाइश दी।
चलित प्रयोगशाला की केमिस्ट कु. आरती शिवहरे ने मौके पर ही खाद्य पदार्थों की जांच कर आमजन को घर पर ही खाद्य पदार्थों में मिलावट की प्राथमिक जांच करने संबंधी पेंपलेट वितरित किये।
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एग्रीस्टेक पंजीयन, पैक्स सदस्यता एवं अग्रिम उर्वरक उठाव अभियान में युद्ध स्तर पर करें कार्य - कलेक्टर

किसानों को असंतुलित एवं अत्यधिक उर्वरक उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति करें जागरूक

जिले में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है खाद

कलेक्टर एवं बैंक प्रशासक भिण्ड की अध्यक्षता में जिले के सभी शाखा प्रबंधक/बैंकिंग सहायक/समिति प्रबंधक/सहा. समिति प्रबंधक/संस्था कम्प्यूटर ऑपरेटर की बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित की गई।
बैठक में पैक्स सदस्यता अभियान, केसीसी सैचुरेशन, प्रधानमंत्री फसल बीमा, कालातीत ऋण बसूली, खाद अग्रिम भण्डारण एवं वितरण, सीएम हेल्प लाइन, ऋण वितरण पर चर्चा की गई। इस दौरान उप संचालक कृषि, मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक भिण्ड सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

कलेक्टर ने निर्देशित कर कहा कि शासन के निर्देशानुसार जिले में 20 अगस्त से 15 सितम्बर 2026 तक “एग्रीस्टेक पंजीयन, पैक्स सदस्यता एवं अग्रिम उर्वरक उठाव अभियान” संचालित किया जा रहा है। जिसका उद्देश्य रबी वर्ष 2026-27 में किसानों को उर्वरकों का संतुलित एवं विवेकपूर्ण उपयोग करने के लिए प्रोत्साहित करना, फसल की आवश्यकता के अनुरूप उर्वरक की अग्रिम उपलब्धता सुनिश्चित करना, ई-विकास प्रणाली के माध्यम से ई-टोकन जनरेट करने तथा एग्रीस्टेक पोर्टल पर उपलब्ध सुविधाओं का लाभ किसानों तक पहुंचाना है। साथ ही पैक्स में अधिक से अधिक किसानों को सदस्य बनाना है। इन सभी कार्यों को युद्ध स्तर पर अभियान के तौर पर करें।

कलेक्टर ने निर्देश दिए कि अभियान को केवल पंजीयन तक सीमित न रखते हुए किसानों को एग्रीस्टेक एवं ई-विकास प्रणाली में उपलब्ध सुविधाओं की व्यावहारिक जानकारी भी दी जाए।
उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि अभियान की प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए। पैक्स के सदस्य किसानों को रबी फसल के लिए अग्रिम उर्वरक उठाव हेतु प्रेरित किया जाए। किसानों को असंतुलित एवं अत्यधिक उर्वरक उपयोग से होने वाले दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया जाए। अभियान अंतर्गत निर्धारित लक्ष्यों की पूर्ति सुनिश्चित की जाए। जिले में पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है, बस हमें विकेन्द्रीकृत तरीके से वितरण की व्यवस्था जमानी है। 

उन्होंने स्पष्ट किया कि अभियान के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब पाए जाने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी का उत्तरदायित्व निर्धारित कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने की नमूना कार्यवाही

मौ क्षेत्र के विभिन्न प्रतिष्ठानों से नमूने लेकर जांच के लिए भेजे

कलेक्टर भिण्ड के निर्देशन में एवं अभिहित अधिकारी के मार्गदर्शन में आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत नमूना कार्यवाही की गई। साथ ही मौ स्थित आरओ प्लांट की शिकायत के आधार पर जांच की गई। मौके पर फर्म संचालक उपस्थित नहीं मिले, फर्म पर उपस्थित व्यक्ति पूरन सिंह एवं फर्म संचालक की पत्नी से खाद्य रजिस्ट्रेशन एवं वॉटर रिपोर्ट मांगे जाने पर फर्म संचालक के आने पर दिखाने को कहा। साथ ही प्राप्त सूचना के आधार पर फर्म परिसर के पास में ही दूसरे गोदाम में पानी/कोल्ड्रिंक की बोतलों का स्टॉक रखा हुआ पाया गया, जिसका ताला लगा हुआ था। 

फर्म संचालक के आने तक माल गोदाम को शट-डाउन किया गया एवं मौ स्थित गिर्राज डेयरी प्रो. विनोद यादव से दूध का नमूना, संजीव जैन फर्म- सिद्धांत ट्रेडिंग कंपनी से अंबिक लव स्टार कैरेमल टॉफी का नमूना, जंडेल सिंह गुर्जर मौ से मावा का नमूना, पुष्पेन्द्र कुमार जैन प्रो. फर्म प्रसिद्धि सेल्स एजेंसी से सोन पपड़ी का नमूना, प्रो. रामबिहारी राठौर फर्म - सिद्ध बाबा डेयरी से मावा का नमूना, बृजेश कुशवाह पुत्र बाल किशोर कुशवाह मौ से नमकीन एवं बिस्किट के नमूने जांच वास्ते लिए जाकर राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेजे जा रहे हैं।
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भिण्ड जिले में तीन दिवसीय भूकंपरोधी निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल समापन

अभियंताओं को भूकंपरोधी निर्माण, संरचनात्मक सुरक्षा एवं रेट्रोफिटिंग की तकनीकों पर दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण

भूकंप जैसी प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली जन-धन की क्षति को कम करने तथा अभियंताओं की तकनीकी एवं आपदा प्रबंधन क्षमता को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से आपदा प्रबंध संस्थान गृह विभाग, मध्यप्रदेश शासन द्वारा एवं जिला प्रशासन के समन्वय से भिण्ड जिले के ज़िला पंचायत के सभागार में आयोजित तीन दिवसीय भूकंप रोधी संरचना निर्माण विषयक प्रशिक्षण का आज सफलतापूर्वक समापन हुआ।

प्रशिक्षण कार्यक्रम डॉ जॉर्ज व्ही जोसेफ, संयुक्त संचालक, आपदा प्रबंध संस्थान के मार्गदर्शन में दिनांक 19 से 21 अगस्त 2026 तक आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पीडब्ल्यूडी, पीआईयू, एमपीबीडीसी, डब्ल्यूआरडी, पीएचई, आरईएस सहित विभिन्न शासकीय विभागों तथा निजी क्षेत्र में कार्यरत अभियंताओं ने भाग लिया। कुल 53 प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण कर श्री अभिषेक मिश्रा एवं श्री विपिन सोनकर, कार्यपालन यंत्री भवन द्वारा प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्रदाय किये गए।

तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य अभियंताओं को भूकंप के दौरान संरचनाओं के व्यवहार, भूकंपरोधी डिजाइन एवं निर्माण की मूलभूत अवधारणाओं, आपदा जोखिम न्यूनीकरण तथा मौजूदा संरचनाओं की सुरक्षा से संबंधित व्यावहारिक जानकारी प्रदान करना था।

कार्यक्रम के दौरान प्रतिभागियों को यह समझने का अवसर मिला कि किसी संरचना को सामान्य भारों के लिए डिजाइन करने और भूकंपीय भारों को ध्यान में रखते हुए डिजाइन करने में क्या अंतर होता है तथा भूकंप के दौरान संरचना के व्यवहार को समझना एक संरचनात्मक अभियंता के लिए क्यों आवश्यक है।

प्रशिक्षण के अंतिम दिवस श्री तुषार गोलाईत तकनीकी विशेषज्ञ ने प्रतिभागियों को एक स्ट्रक्चरल इंजीनियर भूकंपरोधी संरचना के डिजाइन एवं विश्लेषण के दौरान किस प्रकार सोचता है के बारे में जानकारी प्रदान की।

उन्होंने अपने प्रस्तुतीकरण में बताया कि सामान्य भारों के लिए संरचना का डिजाइन करने की प्रक्रिया और भूकंपीय भारों के लिए डिजाइन करने की सोच में महत्वपूर्ण अंतर होता है। भूकंपरोधी डिजाइन में केवल संरचना की मजबूती ही नहीं, बल्कि उसकी डक्टिलिटी, लोड पथ, स्टीफनेस, स्ट्रेंथ, स्टेबिलिटी और ऊर्जा अवशोषण क्षमता को भी ध्यान में रखना आवश्यक होता है।

सत्र में प्रतिभागियों को यह भी बताया गया कि भूकंप के प्रभाव से संरचना को सुरक्षित रखने के लिए डिजाइन के प्रारंभिक चरण से ही संरचनात्मक व्यवहार और संभावित भूकंपीय मांग को ध्यान में रखना आवश्यक है।

*पुरानी संरचनाओं के रेट्रोफिटिंग पर विस्तृत चर्चा*

श्री तुषार गोलाईत ने प्रशिक्षण के दौरान पुरानी एवं मौजूदा संरचनाओं की भूकंपीय सुरक्षा और रेट्रोफिटिंग पर भी विस्तृत जानकारी दी।
प्रतिभागियों को बताया गया कि किसी पुराने भवन में सीधे रेट्रोफिटिंग तकनीक लागू करने के बजाय पहले उसकी मौजूदा स्थिति, संरचनात्मक क्षमता, क्षति, सामग्री की गुणवत्ता, भार-वहन प्रणाली तथा संभावित भूकंपीय कमजोरी का विस्तृत आकलन किया जाना चाहिए।
उन्होंने रेट्रोफिटिंग से पहले किए जाने वाले स्ट्रक्चरल असेसमेंट एवं एनालिसिस, आवश्यक जांचों तथा उपयुक्त रेट्रोफिटिंग तकनीक के चयन से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की। प्रतिभागियों को यह भी समझाया गया कि रेट्रोफिटिंग का उद्देश्य केवल किसी सदस्य को मजबूत करना नहीं, बल्कि पूरी संरचना के भूकंपीय व्यवहार को बेहतर बनाना होना चाहिए।

समापन एवं वेलेडिक्टरी सेरेमनी में डीएमआई, भोपाल के कार्यक्रम समन्वयक श्री अभिषेक मिश्रा ने प्रतिभागियों को संबोधित किया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि “आपदा कभी छुट्टी पर नहीं होती।” इसलिए हमें उन सभी खतरों के प्रति हमेशा सजग और सतर्क रहना चाहिए, जो हमारे जीवन, संपत्ति और समाज को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि केवल आपदा आने के बाद प्रतिक्रिया देना पर्याप्त नहीं है। क्षमता निर्माण और अपनी क्षमताओं में निरंतर वृद्धि के माध्यम से ही व्यक्ति, संस्था और समाज आपदाओं के लिए बेहतर तरीके से तैयार हो सकते हैं तथा आपदा जोखिम को कम किया जा सकता है।

उन्होंने प्रतिभागियों से प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त तकनीकी एवं व्यावहारिक ज्ञान को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में लागू करने तथा सुरक्षित एवं आपदा-रोधी निर्माण को बढ़ावा देने का आह्वान किया।

प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित

प्रशिक्षण के सफल समापन के अवसर पर श्री अभिषेक मिश्रा द्वारा प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूर्ण करने वाले 53 प्रतिभागियों को 
प्रमाण-पत्र वितरित किए गए।
प्रमाण-पत्र प्राप्त करते हुए प्रतिभागियों ने प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त तकनीकी जानकारी और व्यावहारिक अनुभव को अपने कार्यक्षेत्र में उपयोगी बताया।
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मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान अंतर्गत जिले का तीसरा शिविर आलमपुर में आयोजित

मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान अंतर्गत जिले का तीसरा शिविर लहार अनुविभाग अंतर्गत आलमपुर के शासकीय स्नातक महाविद्यालय में आयोजित किया गया।

शिविर में जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, सीईओ जिला पंचायत तथा एसडीएम लहार द्वारा जनसुनवाई कर नागरिकों की समस्याओं के निराकरण के लिए संबंधित विभागों को निर्देशित किया गया। शिविर में विभिन्न विभागों को 84 आवेदन प्राप्त हुए। मेडिकल बोर्ड द्वारा 18 दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाए गए।

कलेक्टर ने शिविर के पूर्व शासकीय स्नातक महाविद्यालय आलमपुर परिसर में एक पेड़ मां के नाम अभियान अंतर्गत पौधारोपण किया।

अभियान अंतर्गत जिला कलेक्टर ने एकीकृत शाला शासकीय माध्यमिक विद्यालय गोरा का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने विद्यार्थियों के साथ मध्यान्ह भोजन ग्रहण किया। सीईओ जिला पंचायत द्वारा ग्राम पंचायत खूजा और शासकीय माध्यमिक विद्यालय खूजा का निरीक्षण किया गया।
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दिनांक 20 अगस्त से ई-विकास 2.0 प्रणाली से उर्वरक वितरण किया जा रहा है, अतः मैनुअल टोकन वितरण बंद किया गया है। कृषक बंधुओं को सूचित किया जाता है कि नई कृषि उपज मंडी, भिण्ड में शनिवार 22 अगस्त को मैनुअल टोकन नहीं बंटेंगे क्योंकि ई-टोकन व्यवस्था लागू है। ई-विकास 2.0 प्रणाली अंतर्गत कृषक अपने मोबाइल अथवा एमपी ऑनलाइन के माध्यम से ई-टोकन बुक कर सकते हैं। 
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औषधि निरीक्षक डॉ आकांक्षा गरुड ने जिला अस्पताल भिण्ड के समीप स्थित मेडिकल स्टोरों का किया औचक निरीक्षण

दवाओं की खरीदी बिक्री की पूरी जानकारी तीन दिवस के भीतर प्रस्तुत करने के दिए निर्देश

नियंत्रक खाद्य एवं औषधि प्रशासन भोपाल (म.प्र.), कलेक्टर भिण्ड एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भिण्ड के निर्देशानुसार औषधि निरीक्षक डॉ आकांक्षा गरुड़ द्वारा जिला अस्पताल भिण्ड के समीप स्थित मेडिकल स्टोरों का औचक निरीक्षण किया गया। औचक निरीक्षण में जय मेडिकल एंड सर्जिकल्स, प्रकाश मेडिकल स्टोर, सूरज श्री मेडिकल स्टोर, विराग मेडिकोस, जय गुरुदेव मेडिकल स्टोर एवं अशोक मेडिकल स्टोर का निरीक्षण किया गया एवं सैम्पल लिए जाकर भोपाल स्थित औषधि प्रयोगशाला में जांच एवं परीक्षण हेतु भेजे जाने की कार्यवाही प्रस्तावित की जा रही है।

दुकान मालिकों को दवाओं की खरीदी बिक्री की पूरी जानकारी तीन दिवस के भीतर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए। समयावधि में जानकारी नहीं प्रस्तुत करने पर नियमानुसार आगामी कार्यवाही सुनिश्चित की जावेगी। निरीक्षण के दौरान उचित स्थान पर लाइसेंस का प्रदर्शन, दुकानों पर फार्मसिस्ट की उपलब्धता, दुकानों की साफ-सफाई, एक्सपाइरी दवाओं के लिए उचित व्यवस्था, स्टॉक रजिस्टर, फ्रिज में संधारित की जाने वाली औषधियों का रख रखाव, बिना पंजीकृत चिकित्सक के पर्चे के शेड्यूल औषधियों का विक्रय नहीं किए जाने एवं औषधियों के क्रय विक्रय अभिलेख का संधारण नियमानुसार रखने संबंधी दिशा निर्देश दिए।
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मंत्री श्री शुक्ला ने श्रीगुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान अंतर्गत कलश रथ यात्रा को किया रवाना

20 अगस्त से 10 सितम्बर तक आयोजित की जायेगी कलश रथ यात्रा

संतशिरोमणि रविदास महाराज की 650वीं जन्मजयंती के अवसर पर श्रीगुरु रविदास महाराज समरसता संकल्प अभियान अंतर्गत नवीन एवं नवकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री राकेश शुक्ला ने कलश रथ यात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। मेहगांव के मंडी प्रांगण में आयोजित समारोह में मंत्री श्री शुक्ला और श्री श्री 1008 महंत श्री कालिदास जी महाराज (सांई धाम तेजपुरा सरकार), श्री भूमिया सरकार धाम के पीठाधीश्वर व मुख्य संत पंडित श्री हरिओम दास महाराज, अम्बेडकर आश्रम के महंत श्री बालक दास महाराज ने अन्य जनप्रतिनिधियों तथा संतगण के साथ संत रविदास मंदिर में भोपाल से जिले को प्राप्त पवित्र कलश का पूजन किया और स्थानीय प्रतिनिधियों को पवित्र कलशों का वितरण किया। 

इस अवसर पर मंत्री श्री शुक्ला ने कहा कि संत शिरोमणि रविदास महाराज की 650वी जन्मजयंती का पूरे देश में भव्य आयोजन करने का प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने संकल्प लिया है और मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव द्वारा पूरे प्रदेश में पवित्र कलश रथ यात्रा रवाना की गई हैं। उन्होंने बताया कि भिण्ड जिले में मेहगांव से शुरू हो रही रथ यात्रा आज ददरौआ धाम तक जाएगी और चरणबद्ध रूप से पूरा जिला भ्रमण करेगी। उन्होंने बताया कि सागर में 100 करोड़ रूपये की लागत से संत रविदास महाराज का भव्य मंदिर और स्मारक बन रहा है जिसका लोकार्पण प्रधानमंत्री श्री मोदी द्वारा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि संत शिरोमणि रविदास महाराज के आदर्शों पर आधारित विकास कार्य आगे भी निरन्तर जारी रहेंगे। 

मंत्री श्री शुक्ला ने बताया कि जब 650 वर्ष पूर्व समाज में समरसता का कोई भाव नहीं था, तब संत शिरोमणि रविदास महाराज ने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद समरसता की अलख जगाने का काम किया। उन्होंने कहा कि कलश रथ यात्रा संत शिरोमणि के इसी समरसता और भाईचारे के भाव को जनमानस में जागृत करेंगी। उन्होंने आशा जताई कि समाज जब भाईचारे, देशभक्ति और एकता के साथ आगे बढ़ेगा तब देश को तोड़ने का काम करने वाली ताकतें परास्त होंगी और देश निश्चित ही विश्वगुरु बन कर रहेगा। उन्होंने नागरिकों का आह्वान किया कि वे पूरी श्रद्धा के साथ कलश रथ यात्रा निकालें और यात्रा को भव्य बनाने में योगदान दें। इससे पूर्व मंत्री श्री शुक्ला ने कार्यक्रम में पधारे संतगण का शाल और श्रीफल देकर सम्मान किया। उन्होंने मंदिर प्रागंण में स्थित डॉ भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि भी अर्पित की। 

संतशिरोमणि रविदास महाराज के जीवन दर्शन तथा उनके समरसता, भक्ति, सेवा, सामाजिक न्याय एवं मानवता के संदेश के व्यापक प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से इस अभियान एवं यात्रा का आयोजन किया जा रहा है। अभियान अंतर्गत 20 अगस्त 2026 से 10 सितम्बर 2026 तक पवित्र कलशों को स्थानीय संतशिरोमणि श्रीगुरु रविदास महाराज मंदिर एवं ग्राम स्तर तक रथ यात्रा के माध्यम से पहुंचाया जाएगा। 

कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ, एसडीएम मेहगांव, नगर परिषद मेहगांव अध्यक्ष, पंचायत सरपंच सहित अन्य जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और नागरिक उपस्थित थे।
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मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजनांतर्गत रामेश्वरम् यात्रा 07 सितम्बर से 12 सितम्बर तक

यात्रा में जाने हेतु आवेदन 31 अगस्त तक जमा कर सकते हैं

 मुख्यमंत्री तीर्थ दर्शन योजनांतर्गत रामेश्वरम् यात्रा 07 सितम्बर 2026 से 12 सितम्बर 2026 तक आयोजित यात्रा में भिण्ड जिले के ऐसे निवासी पात्र है जो 60 वर्ष या अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक, महिलाओं के मामले में 2 वर्ष की छूट तथा जो आयकर दाता नहीं है।
 उक्त तीर्थ दर्शन योजना का लाभ एक व्यक्ति को अपने जीवन काल में एक ही बार दिया जावेगा, यदि किसी भी व्यक्ति द्वारा पूर्व में यात्रा में सम्मिलित होना प्रमाणित होता है तो उसके विरुद्ध सख्त कार्यवाही की जावेगी। जिले के लिए कुल 191 तीर्थ यात्रियों के लिए बर्थ आवंटित किये गये है।  यदि जिले में निर्धारित कोटे से अधिक आवेदन प्राप्त होते तो ऐसी स्थिति में यात्रियों का चयन कम्प्यूटराईज्ड लॉटरी से किया जाएगा। भिण्ड जिले के लिए रामेश्वरम यात्रा हेतु निकटतम तहसील, संबंधित विकासखण्डों एवं नगरीय निकायों में आवेदन फार्म वितरित किये जा रहे हैं एवं वहीं जमा किये जावेंगे। आवेदन जमा करने की अंतिम तारीख 31 अगस्त 2026 नियत की गई है।
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शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय भिण्ड में अब 14 सितम्बर तक ले सकते हैं प्रवेश

एमपी ऑनलाइन के माध्यम से पंजीयन कराने के पश्चात अभ्यर्थी महाविद्यालय में उपस्थित होकर रिक्त सीटों पर प्रवेश प्राप्त करें

अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद, नई दिल्ली द्वारा तकनीकी शिक्षा संस्थाओं में प्रवेश की अंतिम तिथि में वृद्धि के उपरांत, संचालनालय, तकनीकी शिक्षा के निर्णय के उपरांत अब शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय भिण्ड में प्रवेश दिनांक 14 सितम्बर तक लिए जा सकते हैं। महाविद्यालय में सिविल इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस इंजीनियरिंग एवं मॉडर्न ऑफिस मैनेजमेंट में प्रवेश हेतु कुछ सीट ही उपलब्ध हैं।

महाविद्यालय में संचालित समस्त डिप्लोमा पाठ्यक्रम तीन वर्षीय है व प्रवेश प्राप्त करने हेतु न्यूनतम अर्हता मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं उत्तीर्ण होना है। इच्छुक अभ्यर्थी एम.पी. ऑनलाइन के माध्यम से दिनांक 20 अगस्त से पंजीयन कर महाविद्यालय में प्रातः 10:30 बजे से उपस्थित होकर प्रवेश ले सकते हैं। एमपी ऑनलाइन के माध्यम से पंजीयन कराने के पश्चात, अभ्यर्थी निर्धारित तिथि एवं समय पर आवश्यक मूल दस्तावेजों एवं उनकी छायाप्रतियों के साथ उपस्थित होकर रिक्त सीटों पर प्रवेश प्राप्त कर सकते हैं। 

प्रवेश रिक्त सीटों की उपलब्धता एवं संचालनालय तकनीकी शिक्षा मध्यप्रदेश द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार प्रदान किया जाएगा। ज्ञात हो कि शासकीय पॉलीटेक्निक महाविद्यालय भिण्ड गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा प्रदान करने और विभिन्न उद्योगों के लिए कुशल पेशेवरों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। अनुभवी संकाय और सुसज्जित प्रयोगशालाओं के साथ महाविद्यालय का उद्देश्य विद्यार्थियों को व्यावहारिक ज्ञान और उद्योग-प्रासंगिक कौशल के साथ सफल भविष्य हेतु सशक्त बनाना है। 

तीन वर्षीय डिप्लोमा धारक के समक्ष करियर में आगे बढ़ने के कई विकल्प खुल जाते हैं। डिप्लोमा पूर्ण करने के पश्चात् डिप्लोमा धारक शासकीय सेवा अथवा निजी कंपनियों में उपयंत्री के पद के लिए चयनित हो सकता है। इसके अतिरिक्त यदि वह अपनी शिक्षा जारी रखना चाहता है तो डिप्लोमा धारक को लेटरल एंट्री के माध्यम से बीटेक (इंजीनियरिंग) में सीधे द्वितीय वर्ष में प्रवेश लेने की पात्रता होगी। संस्था में विद्यार्थियों की पात्रता अनुसार शासन की सभी योजनाएँ एवं स्कॉलरशिप उपलब्ध है।
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Department of Higher Education, Madhya Pradesh
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कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक का आयोजन

विभिन्न कार्यक्रम अंतर्गत विभागीय प्रगति की विस्तृत समीक्षा

सीएम हेल्पलाइन में खराब प्रदर्शन पर कार्यवाही के निर्देश

वेतन, पारिश्रमिक और मानदेय का भुगतान समय पर किए जाने के निर्देश

 कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक का आयोजन किया गया जिसमें कलेक्टर ने  विभिन्न कार्यक्रम अंतर्गत विभागीय प्रगति की समीक्षा की और प्रदर्शन सुधारने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए। 
 कलेक्टर ने जननी सुरक्षा योजना और प्रसूति सहायता योजना की लंबित सीएम हेल्पलाइन शिकायतों की समीक्षा की और बजट आवंटन प्राप्त कर शीघ्र भुगतान करने तथा अपात्र शिकायतकर्ताओं की शिकायतें फोर्स क्लोज करने के निर्देश दिए। सीएम हेल्पलाइन शिकायतों के निराकरण पर असंतोषजनक प्रदर्शन पर बीएमओ गोहद के विरुद्ध निलंबन का प्रस्ताव तथा बीपीएम गोहद की सेवा संपत्ति का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। 
 कलेक्टर में निर्देश दिए कि मानसून में वेक्टर जनित रोगों की नियमित निगरानी की जाए और इनका प्रकोप रोकने के लिए स्वास्थ्य विभाग सतर्क रहे। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी स्वास्थ्य कर्मियों के वेतन, पारिश्रमिक और मानदेय के भुगतान समय पर किए जाएं तथा सीएमएचओ से आवश्यक स्वीकृति ई-आफिस के माध्यम से प्राप्त की जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों के ई-आफिस और जेम पोर्टल के प्रशिक्षण के भी निर्देश दिए। उन्होंने 108 एम्बुलेंस वाहनों की चेकलिस्ट के आधार पर मासिक ऑडिट आगामी दिवस में पूरा करने के निर्देश दिए। 
 कलेक्टर ने निर्देश दिए कि एएनएम-विहीन स्वास्थ्य केंद्रों में निकटवर्ती एएनएम के अतिरिक्त प्रभार के आदेश जारी किए जाएं। रौन, मौ और गोरमी में समर्पित पोषण पुनर्वास केंद्र खोलने के लिए प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने एचएमआईएस तथा यूविन पोर्टल पर टीकाकरण की समीक्षा कर निर्देश दिए कि टीके लगाने के बाद पोर्टल पर जानकारी अद्यतन रखी जाए, लहार और मेहगांव में आंकड़ों की प्रविष्टि धीमी होने पर अतिरिक्त एमटीएस उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने दस्तक अभियान अंतर्गत बच्चों की स्क्रीनिंग तथा शिशु मृत्यु की समीक्षा बढ़ाने के निर्देश दिए।
 कलेक्टर ने 30 वर्ष से अधिक आयुवर्ग में गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग बढ़ाने और सीएचओ को इसके सत्यापन के लिए आभा आईडी से लिंक करने के निर्देश दिए। उन्होंने टीबी मुक्त भारत अभियान अंतर्गत एक्सरे स्क्रीनिंग, निक्षय मित्र फूड बास्केट वितरण, 70़ के आयुष्मान कार्ड निर्माण, स्वास्थ्य संस्थाओं में निर्माण कार्य, आगामी पल्स पोलियो अभियान, इत्यादि की भी समीक्षा की। बैठक में सीएमएचओ, सिविल सर्जन, बीएमओ और  बीपीएम उपस्थित थे।
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Department Of Revenue, Madhya Pradesh
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Video 20
मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान अंतर्गत जिले का तीसरा शिविर 21 अगस्त को आलमपुर में

शासकीय महाविद्यालय, आलमपुर में लगेगा जनविश्वास शिविर

मेडिकल बोर्ड में बनाए जाएंगे दिव्यांगता प्रमाण पत्र

शिविर के सफल आयोजन के लिए क्लस्टर नोडल अधिकारी नियुक्त

मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान अंतर्गत जिले का तीसरा शिविर 21 अगस्त को लहार अनुविभाग अंतर्गत आलमपुर के शासकीय महाविद्यालय में आयोजित किया जाएगा। जनविश्वास शिविर में विभिन्न विभागों द्वारा शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी प्रदान करने के साथ-साथ पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा। जिला प्रशासन ने नागरिकों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर शिविर में उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाने की अपील की है।

शिविर में खाद्यान्न पर्ची, जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र, फार्मर आईडी समग्र, आधार कार्ड निर्माण व अद्यतन और संबल पंजीयन की सुविधा मिलेगी। शिविर में राजस्व, कृषक कल्याण, उद्योग, पशुपालन, उद्यानिकी, श्रम, ऊर्जा, जल संसाधन, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, लोक निर्माण, महिला बाल विकास, सामाजिक न्याय, इत्यादि विभागों और नगर परिषद व जनपद पंचायत के स्टाल रहेंगे, जिसमें नागरिक अपनी लंबित और नई शिकायतों का समाधान करवा सकेंगे और संबंधित हितग्राहीमूलक योजनाओं के लिए आवेदन प्रस्तुत कर सकेंगे। जनसुनवाई में शिकायतकर्ता अपनी समस्याओं को जिले के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत कर सकेंगे। 

शिविर में मेडिकल बोर्ड में विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा परीक्षण की सुविधा मिलेगी और मौके पर ही दिव्यांगता प्रमाण पत्र बनाए जा सकेंगे। इस अवसर पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा विशेष स्वास्थ्य शिविर भी आयोजित किया जाएगा जिसमें मरीजों के स्वास्थ्य परीक्षण और दवाई वितरण की व्यवस्था रहेगी। शिविर में मलेरिया, टीबी, कुष्ठ, दंतरोग, नेत्र रोग और असंचारी रोगों-बीपी और मधुमेह की जांच और परामर्श दिए जाएंगे। मरीजों के लिए पैथोलाजी और एक्सरे जांच की भी व्यवस्था रहेगी। शिविर में आभा आईडी और आयुष्मान कार्ड भी बनाए जा सकेंगे। 

आलमपुर शिविर के सफल आयोजन के लिए 8 सेक्टर बनाकर क्लस्टर नोडल अधिकारी नियुक्त किए गए हैं। सेक्टर शाहपुरा नं 2 अंतर्गत गांगेपुरा, ररूआ नं 2 और शाहपुरा नं 2 ग्राम पंचायत के लिए ईई आरईएस श्री निखिल मिश्रा और डीएसओ श्री सुनील कुमार बोहित को, सेक्टर गेंथरी अंतर्गत गेंथरी, कुरथर और बरथरा ग्राम पंचायत के लिए ईई पीडब्लूडी श्री डीएस यादव और डीपीसी श्री शिवब्रह्म सिंह जादौन को, सेक्टर छान अंतर्गत खूजा, जाखौली और छान ग्राम पंचायत के लिए ईई पीआईयू श्री विपिन सोनकर और जिला शिक्षा अधिकारी श्री सुधांशु द्विवेदी को, सेक्टर मारपुरा अंतर्गत अंधियारी नं 2, मारपुरा और विजपुरा ग्राम पंचायत के लिए ईई पीएचई श्री दीपक मौर्य और जिला संयोजक आदिम जाति श्री सीपी सोनी को, सेक्टर मुरावली अंतर्गत मुरावली, छिपावली नं 2 और बरौआ ग्राम पंचायत के लिए सीईओ अंत्यावसायी श्री गिर्राज तिवारी और पीओ नरेगा जिला पंचायत श्री नितिन दुबे को, सेक्टर बीसनपुरा अंतर्गत अमाहा, बीसनपुरा और बड़ा गांव नं 2 ग्राम पंचायत के लिए उपसंचालक पशुपालन डॉ अवनीश शर्मा और ग्रामीण आजीविका मिशन श्री अमृतलाल सिंह को, सेक्टर अरुसी अंतर्गत रूरई, फरदुआ और अरुसी ग्राम पंचायत के लिए सीएमएचओ श्री जे.एस. यादव और डीपीओ श्री महेन्द्र सिंह अम्ब को, सेक्टर देवरीकला अंतर्गत देवरीकला, धर्मपुरा और परेछा ग्राम पंचायत के लिए ईई डब्लूआरडी श्री आयुष दीक्षित और उपसंचालक कृषक कल्याण श्री रामसुजान शर्मा को क्लस्टर नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। ये क्लस्टर नोडल अधिकारी क्लस्टरवार ग्राम पंचायतों में शिविर पूर्व भ्रमण और भ्रमण के समय जनसंवाद करेंगे और नागरिकों की समस्याओं का निराकरण करेंगे।
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Department Of Revenue, Madhya Pradesh
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ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) 2.0 प्रणाली से दिनाँक 20 अगस्त 2026 से होगा उर्वरक वितरण

 
ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) 2.0 प्रणाली से दिनाँक 20 अगस्त 2026 से उर्वरक वितरण किया जाएगा। ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) प्रणाली के संबंध में विभिन्न किसान संगठनों, निजी विक्रेताओं एवं समस्त अन्य स्टेकहोल्डर के प्रतिनिधियों से सुझाव प्राप्त करने तथा ई-विकास प्रणाली के क्रियान्वयन को और अधिक प्रभावी बनाए जाने के उद्धेश्य से कृषि उत्पादन आयुक्त, म.प्र. शासन भोपाल की अध्यक्षता में समिति का गठन किया गया। समिति से प्राप्त सुझावों को ई-विकास (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) प्रणाली 2.0 में अंगीकरण किया गया है, जिससे पोर्टल अधिक सरल, पारदर्शी एवं प्रभावी हो गया है

ई-विकास प्रणाली 2.0 में किसान को अपनी इच्छानुसार कोई भी एक उर्वरक को क्रय करने हेतु बिना किसी बंधन के उर्वरक क्रय कर सकता है। आईसीएआर की फसलवार अनुशंसा अनुसार अथवा उससे अधिक मन चाहा उर्वरक प्रथम बार में ही किसान क्रय कर सकता है। अतिरिक्त उर्वरक लेने के लिए 50 शब्दों में कारण लिखने की बाध्यता को हटाकर ड्रापडाउन द्वारा कारण चयन की सुविधा दी गयी है। मार्कफेड के डबल लॉक केन्द्रों पर 300 टोकन प्रतिदिन से अधिक टोकन जनरेट करने हेतु आवश्यकता अनुसार बढ़ाने की सुविधा दी गयी है। मार्कफेड के डबल लॉक केन्द्रों में आवश्यकता अनुसार अधिकतम उर्वरक का भंडारण किया जायेगा एवं इसके लिए ऑटोमेटेड व्यवस्था बनाई जा रही है।

ई-विकास प्रणाली 2.0 में उर्वरक की गणना प्रति हेक्टयर बैग में कर दी गयी है। किसान द्वारा टोकन जनरेट करने के 24 घंटे पश्चात् टोकन निरस्त करने की सुविधा उपलब्ध करा दी गयी है। फसल ख़राब होने पर किसान द्वारा पुनः उर्वरक की मांग करने हेतु एक्सेप्शनल हैंडलिंग में सुविधा दी गयी है। एक्सेप्शनल हैंडलिंग में प्राप्त प्रकरणों को तहसीलदार/अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) के द्वारा 48 घंटे के भीतर अनुमोदन किया जायेगा।

किसान ई-विकास प्रणाली से संबंधित समस्याएं ई-विकास हेल्पलाइन नंबर-+917880223344 पर प्रातः 10:00 बजे से शाम 06:00 बजे तक प्रत्येक शासकीय कार्य दिवसों में दर्ज करा सकते हैं। पोर्टल पर फसलवार आई.सी.ए.आर की अनुशंसा अनुसार विभिन्न उर्वरक समूह की जानकारी प्रदर्शित की जा रही है, जिससे किसान मन पसंद उर्वरक के समूह का चयन कर सकेगा।

उपसंचालक कृषि, भिण्ड ने बताया कि दिनांक 20 अगस्त से मैन्युअल खाद का वितरण नहीं होगा। सभी किसान भाई सूचित होना चाहेंगे कि अब अपनी जमीन की पात्रतानुसार एक बार में ही अपनी आवश्यकता की खाद का उठाव अपनी मनचाही दुकान से खरीद सकेंगे। उन्होंने बताया कि नई कृषि उपज मंडी प्रांगण से  ई-टोकन से उर्वरक वितरण होगा और मैन्युअल टोकन अमान्य होंगे।
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Department of Agriculture, Madhya Pradesh
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