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Kalka Pinjore News

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मंडी : मौ*त का कोई OTP नहीं आता भयानक मौ*त🥺😭💔  औट में उल्टी करने कार से उतरी नालागढ़ की महिला पर गिरा पत्थर मौ*,त
पूरे <nis:link nis:type=tag nis:id=हिमाचल nis:value=हिमाचल nis:enabled=true nis:link/> में 24 घंटे के अंदर मानसून पूरी तरह पहुंच चुका है। मानसून ने कहर बरपाना शुरू कर दिया है। जहां एक तरफ लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिल रही है वहीं दूसरी तरफ काफी नुकसान भी झेलना पड़ रहा है। लोगों के घरों में पानी घुस गया है जिससे घरों की दीवारों में दरारें आ गई हैं। ऊना के स्कूलों में पानी घुस गया है। मंडी में पहाड़ी से गिरे पत्थर की चपेट में आने से महिला की मौत हो गई वहीं, लाहौल स्पीति में बीती रात को बादल फट गया है। 
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❓आख़िर कालका का 108 वर्ष पुराना हिन्दू कन्या स्कूल क्यों बंद पड़ा है?
1918 में स्थापित कालका का हिन्दू गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जो कभी क्षेत्र का सरकारी सहायता प्राप्त कन्या विद्यालय था, 2018 से बंद पड़ा है।
उपलब्ध सार्वजनिक रिपोर्टों के अनुसार, इसके पीछे कई सवाल सामने आते हैं—
🔹 क्या प्रबंधन समिति का गठन न होना इसकी सबसे बड़ी वजह है?
🔹 क्या प्रबंधन के भीतर की आंतरिक खींचतान ने बेटियों की शिक्षा पर ताला लगा दिया?
🔹 सरकारी शिक्षकों के अन्य स्कूलों में समायोजन के बाद स्कूल दोबारा क्यों नहीं चल पाया?
🔹 आखिर 8 साल बाद भी नई प्रबंधन समिति क्यों नहीं बन सकी?
🔹 इस ऐतिहासिक विद्यालय को दोबारा शुरू करने की जिम्मेदारी कौन लेगा?
यह किसी दल या व्यक्ति पर आरोप नहीं, बल्कि जनता की ओर से जवाब मांगने वाले सवाल हैं।
क्या कालका की बेटियों को उनका स्कूल वापस मिलेगा?
आपकी राय क्या है?

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राजधानी शिमला में दक्षिण-पश्चिम मानसून की पहली तेज बारिश के साथ ही मंगलवार को बड़ा भूस्खलन देखने को मिला। दोपहर बाद हुई बारिश के कुछ समय बाद शिमला-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग के बैरियर क्षेत्र में पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया, जिससे भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें सड़क पर आ गिरीं। इसके कारण शिमला-चक्कर मार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। राहत की बात यह रही कि हादसे के दौरान कोई वाहन मलबे की चपेट में नहीं आया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं तथा जेसीबी मशीनों की सहायता से सड़क से मलबा हटाने का कार्य शुरू किया गया, जो देर शाम तक जारी रहा।

भूस्खलन का असर पास से गुजरने वाले शिमला-कालका राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी पड़ा। सुरक्षा कारणों से वाहनों की आवाजाही धीमी कर दी गई, जिससे दोनों ओर लंबा जाम लग गया और लोगों को काफी देर तक परेशानी झेलनी पड़ी। यातायात सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस ने वाहनों को वैकल्पिक बालूगंज मार्ग की ओर मोड़ दिया, जिसके बाद हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगे। मानसून के आगमन के साथ प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन की आशंका बढ़ गई है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और संवेदनशील क्षेत्रों में पूरी सावधानी बरतने की अपील की है।
अंबाला में 220 फीट गहरे बोरवेल में गिरे 4 साल के निरवैर सिंह का आज अंतिम संस्कार किया गया।  इससे पहले दोपहर को शव धन्यौड़ा गांव स्थित उसके घर लाया गया, जहां करीब 15 मिनट तक अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। इसके बाद गांव के श्मशान घाट में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। निरवैर को उसके पिता मनजीत सिंह ने मुखाग्नि दी। बता दें कि करीब 21 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बुधवार तड़के करीब साढ़े 3 बजे निरवैर का शव बोरवेल से निकाला गया था।

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अंबाला के धनोरा गांव से एक बेहद दर्दनाक और झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। 4 साल का मासूम निरवैर, जो कल सुबह खेल-खेल में एक खुले बोरवेल में गिर गया था, वह जिंदगी की जंग हार गया है। सेना, NDRF और SDRF की टीमों ने 21 घंटे तक लगातार बेहद मुश्किल रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, लेकिन आखिरकार आज सुबह मासूम निरवैर का शव ही बाहर निकाला जा सका। बताया जा रहा है कि निरवैर शादी के 12 साल बाद मन्नतों से पैदा हुआ था। उसकी एक बड़ी बहन भी है जो उससे 3 साल बड़ी है। मासूम की मौत के बाद माता-पिता और दादा का रो-रोकर बुरा हाल है। 

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❓आख़िर कालका का 108 वर्ष पुराना हिन्दू कन्या स्कूल क्यों बंद पड़ा है?
1918 में स्थापित कालका का हिन्दू गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, जो कभी क्षेत्र का सरकारी सहायता प्राप्त कन्या विद्यालय था, 2018 से बंद पड़ा है।
उपलब्ध सार्वजनिक रिपोर्टों के अनुसार, इसके पीछे कई सवाल सामने आते हैं—
🔹 क्या प्रबंधन समिति का गठन न होना इसकी सबसे बड़ी वजह है?
🔹 क्या प्रबंधन के भीतर की आंतरिक खींचतान ने बेटियों की शिक्षा पर ताला लगा दिया?
🔹 सरकारी शिक्षकों के अन्य स्कूलों में समायोजन के बाद स्कूल दोबारा क्यों नहीं चल पाया?
🔹 आखिर 8 साल बाद भी नई प्रबंधन समिति क्यों नहीं बन सकी?
🔹 इस ऐतिहासिक विद्यालय को दोबारा शुरू करने की जिम्मेदारी कौन लेगा?
यह किसी दल या व्यक्ति पर आरोप नहीं, बल्कि जनता की ओर से जवाब मांगने वाले सवाल हैं।
क्या कालका की बेटियों को उनका स्कूल वापस मिलेगा?
आपकी राय क्या है?

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अंबाला में 220 फीट गहरे बोरवेल में गिरे 4 साल के निरवैर सिंह का आज अंतिम संस्कार किया गया।  इससे पहले दोपहर को शव धन्यौड़ा गांव स्थित उसके घर लाया गया, जहां करीब 15 मिनट तक अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। इसके बाद गांव के श्मशान घाट में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। निरवैर को उसके पिता मनजीत सिंह ने मुखाग्नि दी। बता दें कि करीब 21 घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद बुधवार तड़के करीब साढ़े 3 बजे निरवैर का शव बोरवेल से निकाला गया था।

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राजधानी शिमला में दक्षिण-पश्चिम मानसून की पहली तेज बारिश के साथ ही मंगलवार को बड़ा भूस्खलन देखने को मिला। दोपहर बाद हुई बारिश के कुछ समय बाद शिमला-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग के बैरियर क्षेत्र में पहाड़ी का एक बड़ा हिस्सा अचानक ढह गया, जिससे भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें सड़क पर आ गिरीं। इसके कारण शिमला-चक्कर मार्ग पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। राहत की बात यह रही कि हादसे के दौरान कोई वाहन मलबे की चपेट में नहीं आया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंचीं तथा जेसीबी मशीनों की सहायता से सड़क से मलबा हटाने का कार्य शुरू किया गया, जो देर शाम तक जारी रहा।

भूस्खलन का असर पास से गुजरने वाले शिमला-कालका राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी पड़ा। सुरक्षा कारणों से वाहनों की आवाजाही धीमी कर दी गई, जिससे दोनों ओर लंबा जाम लग गया और लोगों को काफी देर तक परेशानी झेलनी पड़ी। यातायात सुचारु बनाए रखने के लिए पुलिस ने वाहनों को वैकल्पिक बालूगंज मार्ग की ओर मोड़ दिया, जिसके बाद हालात धीरे-धीरे सामान्य होने लगे। मानसून के आगमन के साथ प्रदेश के पर्वतीय इलाकों में भूस्खलन की आशंका बढ़ गई है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने और संवेदनशील क्षेत्रों में पूरी सावधानी बरतने की अपील की है।
शिमला मनीषा मित्तल हत्याकांड: पुलिस ने 18 दिन में सुलझाई मर्डर मिस्ट्री............see more
नेरवा के शाक क्षेत्र में सडक दुर्घटना ' पिता और बेटी ने गंवाई जान 
नेरवा तहसील के अंतर्गत शाक क्षेत्र के बावी में सड़क दुघर्टना हुई है जिसमें 2 लोगों की मौके पर ही जान गंवा दी है। 42 वर्षीय लोकिंदर कुमार पुत्र हरिमन और उनकी 12 वर्षीय बेटी टिया शामिल हैं । बताया जा रहा है कि पूरा परिवार नेरवा आ रहा था, पिता और बेटी गाड़ी में बैठकर उपर के मोड से गाड़ी में बैठकर आ रहे थे और पत्नी और बेटा निचले मोड़ पर इंतजार कर रहे थे । लेकिन देखते ही देखते गाड़ी दुर्घटनाग्रस्त हो गई । 

दुर्घटना के फोरन बाद दोनों लोगों को नेरवा अस्पताल पहुंचाया गया । लेकिन तब तक दोनों की जान चली गई थी। 
<nis:link nis:type=tag nis:id=omshanti nis:value=omshanti nis:enabled=true nis:link/> 😭😭😭😭
Video 20
पिंजौर के जितेश मनोचा मर्डर मामलें में पुलिस ने दो और आरोपी किए गिरफ्तार, दोनों 1 दिन के पुलिस रिमांड पर

हिरासत से भागने की कोशिश में चोटिल हुए दो आरोपियों समेत 4 पहले ही जा चुके हैं जेल

पिंजौर के मुख्य बाजार में कारोबारी के बेटे जितेश मनोचा उर्फ किट्टू की हत्या करने के मामले में पंचकूला पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पिंजौर थाना टीम ने मामलें में कार्रवाई करते हुए 8 जून को अजीतपाल और गुरप्रीत उर्फ हन्नी (दोनों निवासी पिंजौर) को धर दबोचा। पुलिस ने दोनों आरोपियों को आज अदालत में पेश कर एक दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है, जिनसे गहन पूछताछ की जा रही है। डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता का साफ कहना है कि इस मामले में किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा और यदि जांच में किसी अन्य की संलिप्तता सामने आती है, तो उसे भी सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। 

हिरासत से भागने की कोशिश में चोटिल हुए दो आरोपियों समेत 4 पहले ही जा चुके हैं जेल

इस मामलें में पुलिस ने वारदात के मात्र तीन घंटे के भीतर ही चार मुख्य आरोपियों को 5 जून को ही काबू कर लिया था। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मनप्रीत सिंह उर्फ मनी (निवासी गणेशपुर भौरिया), रोहित मेहता उर्फ विक्की (निवासी नंगल कालका), मनीष कुमार (निवासी रतपुर कॉलोनी) और खुशदीप सिंह उर्फ दीपी (निवासी मानकपुर ठाकुरदास) के रूप में हुई थी। 6 जून को अदालत से मिले दो दिन के पुलिस रिमांड के दौरान पिंजौर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर राजेश कुमार की अगुवाई में पुलिस टीम ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और डंडे बरामद करने में सफलता हासिल की। 

रिमांड के दौरान 2 आरोपी पुलिस हिरासत से भागने की फिराक में थे। दरअसल, जब पुलिस टीम चारों आरोपियों को बरामदगी के लिए परवाणू (हिमाचल प्रदेश) ले जा रही थी, तो जीरकपुर-शिमला हाईवे पर मल्लाह मोड़ के पास आरोपी खुशदीप सिंह और मनप्रीत सिंह ने पुलिसकर्मियों से बाथरूम जाने की बात कही। गाड़ी से नीचे उतरते ही दोनों आरोपियों ने सुरक्षा में तैनात सिपाहियों को अचानक धक्का दे दिया और भागने के लिए हाईवे से नीचे पुलिया की तरफ छलांग लगा दी। हालांकि, मुस्तैद पुलिस टीम ने अन्य सहयोगियों की मदद से मुठैड़ (नुकीले पत्थरों) के बीच कूदकर भाग रहे दोनों आरोपियों को तुरंत दबोच लिया। इस दौरान पत्थरों पर गिरने के कारण दोनों आरोपियों की दाहिनी टांगों पर चोटें आईं। 

डीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता के अनुसार पुलिस हिरासत से भागने के प्रयास के कारण
चंडीगढ़ के एक सरकारी स्कूल में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया, जहां पानी की टंकी में तीन मरे बंदर पाए गए। बच्चे लंबे ...
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हिमाचल प्रदेश के मशहूर पर्यटन स्थल कसौली में बीती रात भीषण अग्निकांड में 8 दुकानें जलकर पूरी तर...
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