
#कुल 1,17,528 मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाएंगे। #निर्वाचक नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक दलों के साथ बैठक आयोजित #टिहरी। जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल की अध्यक्षता में बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में निर्वाचन नामावली के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के संबंध में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित की गई। #बैठक में अपर जिलाधिकारी शैलेन्द्र सिंह नेगी ने बताया कि जनपद की ड्राफ्ट निर्वाचक नामावली प्रकाशित की जा चुकी है। इस पर 13 अगस्त 2026 तक दावे एवं आपत्तियां प्राप्त की जाएंगी। इसके उपरांत 11 सितम्बर 2026 तक नोटिसों की सुनवाई एवं दावों-आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा तथा 15 सितम्बर 2026 को अंतिम निर्वाचक नामावली प्रकाशित की जाएगी। बैठक में बताया गया कि जनपद में मतदान केन्द्रों की संख्या 963 से बढ़कर 994 हो गई है। विधानसभा क्षेत्रवार मतदान केन्द्रों की संख्या में घनसाली में 161, देवप्रयाग में 158, नरेंद्रनगर में 175, प्रतापनगर में 153, टिहरी में 156 तथा धनोल्टी में 191 मतदान केन्द्र शामिल हैं। ड्राफ्ट रोल से पूर्व मतदाताओं की संख्या 5,07,253 थी, जबकि ड्राफ्ट रोल के अनुसार यह 4,63,628 है। अपर जिलाधिकारी ने बताया कि 1,04,402 मतदाता विसंगति (Anomalies) श्रेणी में तथा 13,126 मतदाता अनमैप्ड (Unmapped) श्रेणी में चिन्हित किए गए हैं। इस प्रकार कुल 1,17,528 मतदाताओं को नोटिस जारी किए जाएंगे। विधानसभा क्षेत्रवार विसंगति वाले मतदाताओं में घनसाली में 19,024, देवप्रयाग में 16,031, नरेंद्रनगर में 18,379, प्रतापनगर में 14,343, टिहरी में 15,918 तथा धनोल्टी में 20,707 मतदाता शामिल हैं। बैठक में बताया गया कि नोटिस ECI Net App के माध्यम से स्वतः तैयार होंगे तथा अनमैप्ड मतदाता, विसंगति वाले मतदाता एवं दावे-आपत्तियों से संबंधित प्रकरणों में जारी किए जाएंगे। प्रमुख विसंगतियों में माता-पिता एवं मतदाता की आयु में असामान्य अंतर, भाई-बहनों की आयु में अत्यधिक कम अंतर, एक परिवार में छह से अधिक संतानों का मैप होना तथा मतदाता अथवा उसके संबंधियों के नाम में त्रुटियां शामिल हैं। बताया गया कि सभी निर्वाचन पंजीकरण अधिकारियों द्वारा विधानसभा क्षेत्रवार सुनवाई की कार्ययोजना तैयार की जा रही है। प्रत्येक एईआरओ को उनके कार्यक्षेत्र के अनुसार मतदान केन्द्र आवंटित किए गए हैं तथा निकटवर्ती मतदान केन्द्रों के क्लस्टर बनाकर सुनवाई आयोजित की जाएगी, जिससे ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों के मतदाताओं को अनावश्यक लंबी दूरी तय न करनी पड़े। मानसून की परिस्थितियों को देखते हुए आवश्यकतानुसार सुनवाई स्थलों एवं तिथियों में व्यावहारिक संशोधन भी किया जा सकेगा। बैठक में राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को नोटिस प्राप्त होने पर सुनवाई के दौरान प्रस्तुत किए जाने वाले आवश्यक दस्तावेजों की भी विस्तृत जानकारी दी गई। जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल ने सभी राजनीतिक दलों एवं मतदाताओं से विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान में सक्रिय सहयोग करने की अपील करते हुए कहा कि जिन मतदाताओं को नोटिस प्राप्त होंगे अथवा जिनकी मैपिंग नहीं हो पाई है अथवा जो ASD श्रेणी में चिन्हित हैं, वे निर्धारित समयावधि में आवश्यक अभिलेखों सहित अपना पक्ष प्रस्तुत करें। उन्होंने कहा कि ERO, AERO एवं अतिरिक्त AERO द्वारा नोटिस जारी किए जाएंगे तथा पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से संपादित किया जाएगा। उन्होंने सभी से अभियान को सफल बनाने में सहयोग प्रदान करने की अपील की।
Jakhnidhar, Tehri Garhwal | Jul 15, 2026

#कद्दूखाल भूस्खलन: #क्या है प्रशासन का कहना #कद्दूखाल में भूस्खलन, प्रशासन की त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा टला #टिहरी। जनपद टिहरी गढ़वाल की तहसील धनोल्टी के अंतर्गत कद्दूखाल (ग्राम उनियालगांव) स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-707ए पर 08 जुलाई, 2026 को भारी वर्षा के दौरान पहाड़ी का एक हिस्सा दरकने की घटना हुई। जिला प्रशासन द्वारा पूर्व में की गई कार्रवाई के चलते इस घटना में किसी प्रकार की जनहानि अथवा पशुहानि नहीं हुई। जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल नितिका खण्डेलवाल ने बताया कि मिट्टी कटान होने से राजकीय भूमि पर निर्मित एक पुराना निष्प्रयोज्य कमरा (टीन शैड युक्त) पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हुआ है। इसके अतिरिक्त सात छोटे खोखे (टीन शैड से निर्मित) भी खतरे की जद में है। उक्त दुकान / रेस्टोरेन्ट एवं खोखो तथा निर्माणकर्ता के मजदूरों को भी घटना से पूर्व ही सुरक्षा की दृष्टि से घटना से पूर्व ही सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करा दिया गया था। उक्त घटना में कोई जन-हानि नही हुई है। सम्भावित खतरे के दृष्टिगत उक्त दुकान / खोखो पर कॉस का चिह्न बनाया गया है एवं उक्त दुकान / खोखा स्वामियों को हिदायत दी गयी है कि उक्त स्थल का प्रयोग न करें। निर्माण कर्ता को पृथक से नोटिस निर्गत किया जा रहा है। प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि घटना से संबंधित किसी भी जानकारी के लिए केवल प्रशासन द्वारा जारी आधिकारिक सूचना पर ही विश्वास करें। प्रशासनिक जांच में प्रथम दृष्टया यह तथ्य सामने आया है कि एक निजी व्यक्ति द्वारा निर्माण कार्य के लिए की जा रही अनधिकृत खुदाई के कारण पहाड़ी अस्थिर हुई, जिससे भूस्खलन की स्थिति उत्पन्न हुई। स्थानीय राजस्व अधिकारियों (पटवारी एवं तहसीलदार, धनोल्टी) की आख्या उपजिलाधिकारी को प्रेषित कर दी गई है तथा अनधिकृत खुदाई के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। कार्रवाई पूर्ण होने के उपरांत विस्तृत जानकारी पृथक से साझा की जाएगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि राष्ट्रीय राजमार्ग -707ए पर यातायात सामान्य रूप से संचालित हो रहा है तथा क्षेत्र में किसी प्रकार की व्यापक क्षति नहीं हुई है। मानसून के दृष्टिगत प्रशासन पूर्ण सतर्कता बरत रहा है तथा संवेदनशील स्थलों की लगातार निगरानी की जा रही है। आमजन से अपील की गई है कि भूस्खलन संभावित क्षेत्रों में अनावश्यक आवाजाही से बचें तथा प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों एवं परामर्शों का पालन करें।
Jakhnidhar, Tehri Garhwal | Jul 9, 2026

#जिलाधिकारी ने सकलाना क्षेत्र में आपदा पुनःनिर्माण कार्यों का किया स्थलीय निरीक्षण #आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की #टिहरी। #मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशानुसार आपदा प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे पुनर्निर्माण एवं राहत कार्यों की जमीनी स्थिति का आकलन करने हेतु #जिलाधिकारी टिहरी गढ़वाल #नितिका खण्डेलवाल द्वारा बुधवार को तहसील धनोल्टी क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया गया। #जिलाधिकारी ने बुधवार को तहसील धनोल्टी अंतर्गत सकलाना क्षेत्र का भ्रमण कर विभिन्न निर्माणाधीन परियोजनाओं एवं आपदा प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने चिफल्डी में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के अंतर्गत निर्माणाधीन ट्रॉली पुल, भूतसी में बन्दल नदी पर बन रहे लाल पुल तथा सकलाना क्षेत्र के रगड़ गांव स्थित राजकीय इंटर कॉलेज के प्री-फैब्रिकेटेड भवन का निरीक्षण किया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। चिफल्डी में ग्रामीणों ने क्षेत्र में यातायात की समस्या से अवगत कराते हुए पुल निर्माण कार्य में तेजी लाने की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि पुल के अभाव में लगभग दस गांव प्रभावित हो रहे हैं तथा वर्षा एवं आपदा के समय आवागमन में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। पीएमजीएसवाई के अधिशासी अभियंता गणेश नौटियाल ने बताया कि पुल का स्पान बढ़ाया गया है तथा कार्य को दिसंबर तक पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है। जिलाधिकारी ने निर्माणदायी संस्था को कड़ी चेतावनी देते हुए 30 जून तक विस्तृत कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुल निर्माण में विलंब के कारण सरकार को वैकल्पिक व्यवस्थाओं पर अतिरिक्त व्यय करना पड़ रहा है तथा गत आपदा के दौरान प्रभावित क्षेत्र में हेलीकॉप्टर से राहत सामग्री पहुंचानी पड़ी थी। उन्होंने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को निर्माण कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश भी दिए। इसके पश्चात जिलाधिकारी ने भुत्सी के सीतापुर में बान्दल नदी पर निर्माणाधीन लाल पुल का निरीक्षण किया। लोक निर्माण विभाग द्वारा अवगत कराया गया कि 27 मीटर स्पान एवं 1.5 मीटर चौड़ाई वाले इस पुल का लगभग 70 प्रतिशत कार्य पूर्ण हो चुका है। विभाग ने बताया कि एक सप्ताह के भीतर पुल पर आवाजाही प्रारंभ कर दी जाएगी तथा आगामी 15 दिनों में शेष सिविल कार्य भी पूर्ण कर लिया जाएगा। इस अवसर पर ग्रामीणों ने नदी कटाव से कृषि भूमि को हुए नुकसान तथा सुरक्षा दीवार निर्माण की मांग रखी। वहीं ग्राम तोलिया काटल की प्रधान कविता देवी ने वर्ष 2025 की आपदा में क्षतिग्रस्त हुई पेयजल लाइन की मरम्मत शीघ्र कराने की मांग की। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। सकलाना क्षेत्र के रगड़ गांव स्थित राजकीय इंटर कॉलेज के निरीक्षण के दौरान ग्राम प्रधान मधु देवी ने विद्यालय में नई कक्षाओं के निर्माण हेतु जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि गत आपदा में विद्यालय की चार कक्षाएं क्षतिग्रस्त हो गई थीं, जिसके बाद समयबद्ध रूप से नई कक्षाओं का निर्माण कराया गया। ग्रामीणों ने बताया कि विद्यालय में वर्तमान में 169 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं तथा पुल निर्माण पूर्ण होने के बाद छात्र संख्या में और वृद्धि होने की संभावना है। ग्रामीणों ने विद्यालय भवन निर्माण की गुणवत्ता की सराहना करते हुए बताया कि खनिज न्यास मद से 50 लाख रुपये की लागत से छह कक्ष एवं एक कंप्यूटर लैब का निर्माण किया गया है। इस दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्र में पेयजल, सड़क एवं आपदा सुरक्षा से जुड़ी विभिन्न समस्याओं को भी जिलाधिकारी के समक्ष रखा। सौंदाना गांव के विस्थापित परिवारों के लिए संपर्क मार्ग निर्माण, बरसात के दौरान वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था तथा वर्ष 2022 एवं 2025 की आपदाओं में क्षतिग्रस्त पुलों के पुनर्निर्माण की मांग की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को प्रस्ताव तैयार कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही आपदा से प्रभावित परिवारों को लंबित किराया सहायता उपलब्ध कराने तथा खतरे की जद में रह रहे परिवारों की सूची तैयार कर प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश तहसीलदार को दिए। जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधानों एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों की सक्रियता की सराहना करते हुए कहा कि आपदा प्रभावित क्षेत्रों में त्वरित राहत एवं पुनर्निर्माण कार्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा भी आपदा पुनर्वास एवं पुनर्निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा की जाती है। उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा किए गए कार्यों पर ग्रामीणों की संतुष्टि को सकारात्मक बताते हुए अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसियों को बेहतर समन्वय के साथ कार्य करने के लिए शुभकामनाएं दीं। साथ ही उन्होंने कहा कि विषम परिस्थितियों में भी बच्चों द्वारा शिक्षा के प्रति दिखाई जा रही प्रतिबद्धता प्रेरणादायी है और सरकार उनकी बेहतर सुविधाओं के लिए हरसंभव प्रयास करती रहेगी।
Jakhnidhar, Tehri Garhwal | Jun 24, 2026