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किसान महापंचायत

किसान महापंचायत

Sawai Madhopur, Sawai Madhopur | Jun 23, 2026

वन एवं वन्यजीव संरक्षण के तहत रणथंभौर में दो दिवसीय CSR कॉन्क्लेव आयोजित,वन मंत्री संजय शर्मा ने की शिरकत

सवाई माधोपुर । रणथंभौर में वन एवं वन्यजीव संरक्षण को लेकर सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर के एक होटल में CSR कॉन्क्लेव को लेकर दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित।रणथंभौर में प्रदेशभर के उद्योगपति जुटे है। रणथंभौर स्थित होटल सवाई विलास में आयोजित दो दिवसीय CSR कॉन्क्लेव में प्रदेश भर के वनाधिकारी एंव उद्योगपति वन एवं वन्यजीव संरक्षण को लेकर  चर्चा के लिए पहुंचे। रणथंभौर में आयोजित दो दिवसीय कॉन्क्लेव का उद्देश्य कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के माध्यम से वन एवं वन्यजीव संरक्षण और स्थानीय समुदायों के विकास को प्रोत्साहित करना है। 

कॉन्क्लेव के मुख्य अतिथि वन मंत्री संजय शर्मा रहे।अध्यक्षता वन विभाग के एसीएस आनंद कुमार ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में अरिजीत बनर्जी रहे। कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए उद्योगपति मौजूद रहे। 

CSR कॉन्क्लेव को सम्बोधित करते हुए वन मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व प्रदेश में वन और वन्यजीव संरक्षण को लेकर बेहतर काम किया जा रहा है। राज्य सरकार ने देश में पहली बार यह व्यवस्था विकसित की है, जिसमें बिना नर्सरी जाए भी लोग आनलाईन पौधे मंगवा सकते हैं। राजस्थान में पहली बार‌ संभाग स्तर पर वन‌ मेले लगाए गए, जो आगामी समय में जिला स्तर पर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने उद्योगपतियों से कहा कि राजस्थान वन विभाग को जब-जब फंड की आवश्यकता हुई, आपने विशेष सहयोग किया। वन विभाग को समय-समय पर वाहन, संसाधन उपलब्ध कराए। उद्योगपतियों के सहयोग से जंगल में वन चौकियां स्थापित की गई। वन मंत्री ने कॉन्क्लेव में मौजूद उद्योगपतियों से अब जंगलों से विस्थापित होने वाले गांवों की मदद की अपील की है। उन्होंने कहा कि साल 2022 में वन विभाग की ओर से विस्थापित परिवारों के‌ पैकेज में बढ़ोतरी की है, लेकिन यह काफी नहीं है। फिलहाल वन विभाग की ओर से विस्थापित परिवारों को जो जमीन आवंटित की जा रही है, वो उबड़-खाबड़ होती है, जिसके चलते विस्थापित परिवार वहां जाने से हिचकते हैं। उन्होंने कहा कि विस्थापित परिवारों के लिए इन उबड़-खाबड़ जमीनों पर उद्योगपति विस्थापित गांवों को गोद लेकर अच्छी सुविधायुक्त कॉलोनी विकसित करने में सीएसआर फंड से सहयोग करें। उन्होंने रणथंभौर में क्षमता से अधिक बाघों की संख्या को लेकर कहां कि अभी बाघों को विस्थापित करने की आवश्यकता कम है। आने वाले समय में रामगढ़ विषधारी, मुकंदरा विस्थापित किया जा सकता है, लेकिन अभी आवश्यकता कम है।

वन एवं वन्यजीव संरक्षण के तहत रणथंभौर में दो दिवसीय CSR कॉन्क्लेव आयोजित,वन मंत्री संजय शर्मा ने की शिरकत सवाई माधोपुर । रणथंभौर में वन एवं वन्यजीव संरक्षण को लेकर सवाई माधोपुर स्थित रणथंभौर के एक होटल में CSR कॉन्क्लेव को लेकर दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित।रणथंभौर में प्रदेशभर के उद्योगपति जुटे है। रणथंभौर स्थित होटल सवाई विलास में आयोजित दो दिवसीय CSR कॉन्क्लेव में प्रदेश भर के वनाधिकारी एंव उद्योगपति वन एवं वन्यजीव संरक्षण को लेकर चर्चा के लिए पहुंचे। रणथंभौर में आयोजित दो दिवसीय कॉन्क्लेव का उद्देश्य कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के माध्यम से वन एवं वन्यजीव संरक्षण और स्थानीय समुदायों के विकास को प्रोत्साहित करना है। कॉन्क्लेव के मुख्य अतिथि वन मंत्री संजय शर्मा रहे।अध्यक्षता वन विभाग के एसीएस आनंद कुमार ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में अरिजीत बनर्जी रहे। कार्यक्रम में प्रदेशभर से आए उद्योगपति मौजूद रहे। CSR कॉन्क्लेव को सम्बोधित करते हुए वन मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व प्रदेश में वन और वन्यजीव संरक्षण को लेकर बेहतर काम किया जा रहा है। राज्य सरकार ने देश में पहली बार यह व्यवस्था विकसित की है, जिसमें बिना नर्सरी जाए भी लोग आनलाईन पौधे मंगवा सकते हैं। राजस्थान में पहली बार‌ संभाग स्तर पर वन‌ मेले लगाए गए, जो आगामी समय में जिला स्तर पर आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने उद्योगपतियों से कहा कि राजस्थान वन विभाग को जब-जब फंड की आवश्यकता हुई, आपने विशेष सहयोग किया। वन विभाग को समय-समय पर वाहन, संसाधन उपलब्ध कराए। उद्योगपतियों के सहयोग से जंगल में वन चौकियां स्थापित की गई। वन मंत्री ने कॉन्क्लेव में मौजूद उद्योगपतियों से अब जंगलों से विस्थापित होने वाले गांवों की मदद की अपील की है। उन्होंने कहा कि साल 2022 में वन विभाग की ओर से विस्थापित परिवारों के‌ पैकेज में बढ़ोतरी की है, लेकिन यह काफी नहीं है। फिलहाल वन विभाग की ओर से विस्थापित परिवारों को जो जमीन आवंटित की जा रही है, वो उबड़-खाबड़ होती है, जिसके चलते विस्थापित परिवार वहां जाने से हिचकते हैं। उन्होंने कहा कि विस्थापित परिवारों के लिए इन उबड़-खाबड़ जमीनों पर उद्योगपति विस्थापित गांवों को गोद लेकर अच्छी सुविधायुक्त कॉलोनी विकसित करने में सीएसआर फंड से सहयोग करें। उन्होंने रणथंभौर में क्षमता से अधिक बाघों की संख्या को लेकर कहां कि अभी बाघों को विस्थापित करने की आवश्यकता कम है। आने वाले समय में रामगढ़ विषधारी, मुकंदरा विस्थापित किया जा सकता है, लेकिन अभी आवश्यकता कम है।

Sawai Madhopur, Sawai Madhopur | Jun 23, 2026

पोश एक्ट, 2013 के तहत विभिन्न विभागों में गठित आंतरिक परिवाद समिति के सदस्यों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित

सवाई माधोपुर, 23 जून 2026। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर के तत्वावधान में कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 (पोश एक्ट) की प्रभावी अनुपालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एडीआर सेंटर, जिला न्यायालय परिसर सवाई माधोपुर में विभिन्न विभागों में गठित आंतरिक परिवाद समिति के सदस्यों को प्रशिक्षित करने हेतु एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विभागों की आंतरिक परिवाद समितियों के अध्यक्षों एवं सदस्यों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान प्रोजेक्टर एवं पॉवर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से पोश एक्ट 2013 के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। 
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव समीक्षा गौतम ने बताया कि प्रत्येक संस्थान एवं विभाग में सुरक्षित, सम्मानजनक एवं लैंगिक समानता पर आधारित कार्य वातावरण उपलब्ध कराना नियोक्ता का दायित्व है। साथ ही आंतरिक परिवाद समिति की भूमिका केवल शिकायतों के निस्तारण तक सीमित नहीं है, बल्कि जागरूकता एवं रोकथाम संबंधी गतिविधियों का संचालन करना भी उसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
प्रशिक्षण के दौरान असिस्टेंट एलएडीसी अक्षय राजावत द्वारा उपस्थित प्रतिभागियों को कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न की परिभाषा, शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया, आंतरिक परिवाद समिति की संरचना, समिति के अधिकार एवं कर्तव्य, जांच प्रक्रिया, गोपनीयता बनाए रखने के प्रावधान तथा अधिनियम के उल्लंघन की स्थिति में लागू दंडात्मक प्रावधानों के संबंध में विस्तार से अवगत कराया गया।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए व्यवहारिक उदाहरणों एवं प्रकरणों के माध्यम से अधिनियम की व्यावहारिक उपयोगिता पर प्रकाश डाला गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों से अपने-अपने विभागों में पोश एक्ट के प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा महिलाओं के लिए सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण कार्यस्थल उपलब्ध कराने हेतु सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में विकास अधिकारी पंचायत समिति जगदीश प्रसाद मीना, इंस्पेक्टर रूकमणी गुर्जर, जेवीवीएनएल से कनिष्ठ विधि सहायक निधि शर्मा, सखी वनस्टॉप सेन्टर की प्रबन्धक हीना सिंह, नगर विकास न्याय तहसीलदार विष्णु माथुर, अति. खण्ड विकास अधिकारी जिला परिषद रामराज मीना, अधिकार मित्र सुनिता जोनवाल सहित विभिन्न विभागों में गठित आंतरिक परिवाद समिति के सदस्य शामिल रहें।

पोश एक्ट, 2013 के तहत विभिन्न विभागों में गठित आंतरिक परिवाद समिति के सदस्यों का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित सवाई माधोपुर, 23 जून 2026। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर के तत्वावधान में कार्यस्थल पर महिलाओं का लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 (पोश एक्ट) की प्रभावी अनुपालना सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एडीआर सेंटर, जिला न्यायालय परिसर सवाई माधोपुर में विभिन्न विभागों में गठित आंतरिक परिवाद समिति के सदस्यों को प्रशिक्षित करने हेतु एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में विभिन्न विभागों की आंतरिक परिवाद समितियों के अध्यक्षों एवं सदस्यों ने भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान प्रोजेक्टर एवं पॉवर प्वाइंट प्रस्तुतीकरण के माध्यम से पोश एक्ट 2013 के विभिन्न प्रावधानों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव समीक्षा गौतम ने बताया कि प्रत्येक संस्थान एवं विभाग में सुरक्षित, सम्मानजनक एवं लैंगिक समानता पर आधारित कार्य वातावरण उपलब्ध कराना नियोक्ता का दायित्व है। साथ ही आंतरिक परिवाद समिति की भूमिका केवल शिकायतों के निस्तारण तक सीमित नहीं है, बल्कि जागरूकता एवं रोकथाम संबंधी गतिविधियों का संचालन करना भी उसकी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। प्रशिक्षण के दौरान असिस्टेंट एलएडीसी अक्षय राजावत द्वारा उपस्थित प्रतिभागियों को कार्यस्थल पर महिलाओं के लैंगिक उत्पीड़न की परिभाषा, शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया, आंतरिक परिवाद समिति की संरचना, समिति के अधिकार एवं कर्तव्य, जांच प्रक्रिया, गोपनीयता बनाए रखने के प्रावधान तथा अधिनियम के उल्लंघन की स्थिति में लागू दंडात्मक प्रावधानों के संबंध में विस्तार से अवगत कराया गया। कार्यक्रम में उपस्थित प्रतिभागियों की जिज्ञासाओं का समाधान करते हुए व्यवहारिक उदाहरणों एवं प्रकरणों के माध्यम से अधिनियम की व्यावहारिक उपयोगिता पर प्रकाश डाला गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों से अपने-अपने विभागों में पोश एक्ट के प्रावधानों का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने तथा महिलाओं के लिए सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण कार्यस्थल उपलब्ध कराने हेतु सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम में विकास अधिकारी पंचायत समिति जगदीश प्रसाद मीना, इंस्पेक्टर रूकमणी गुर्जर, जेवीवीएनएल से कनिष्ठ विधि सहायक निधि शर्मा, सखी वनस्टॉप सेन्टर की प्रबन्धक हीना सिंह, नगर विकास न्याय तहसीलदार विष्णु माथुर, अति. खण्ड विकास अधिकारी जिला परिषद रामराज मीना, अधिकार मित्र सुनिता जोनवाल सहित विभिन्न विभागों में गठित आंतरिक परिवाद समिति के सदस्य शामिल रहें।

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