
टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का प्रदर्शन, बांदा में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने सौंपा ज्ञापन पूर्व से सेवारत शिक्षकों के भविष्य को लेकर उठी चिंता, केंद्र और राज्य सरकार से मांगा समाधान सैकड़ों शिक्षकों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री के नाम भेजा ज्ञापन ✒️रिपोर्ट राजेश सिंह बांदा (उत्तर प्रदेश)। शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी अनिवार्यता लागू किए जाने के विरोध में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने बांदा में प्रदर्शन कर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। महासंघ का कहना है कि पूर्व से विधिवत नियुक्त शिक्षकों पर बाद में लागू किए गए पात्रता मानदंड थोपना प्राकृतिक न्याय और विधिक सिद्धांतों के विरुद्ध है। इसी मांग को लेकर सैकड़ों शिक्षकों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। जनपद बांदा में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के बैनर तले गुरुवार को बड़ी संख्या में शिक्षक और शिक्षिकाएं जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे और टीईटी अनिवार्यता के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री तथा उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा गया। राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिलाध्यक्ष पंकज सिंह ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय द्वारा 1 सितंबर 2025 तथा पुनर्विचार याचिका में 29 मई 2026 को दिए गए निर्णयों के बाद देशभर के लाखों शिक्षकों में भविष्य को लेकर असमंजस और चिंता का माहौल है। उन्होंने कहा कि जिन शिक्षकों की नियुक्ति टीईटी व्यवस्था लागू होने से पहले विधिवत प्रक्रिया के तहत हुई थी, उन पर बाद में लागू पात्रता मानकों को लागू करना न्यायसंगत नहीं है। उन्होंने कहा कि भारतीय विधिक व्यवस्था का मूल सिद्धांत है कि कोई भी नियम या नीति सामान्यतः उसके लागू होने की तिथि से प्रभावी होती है, न कि पूर्व प्रभाव से। ऐसे में वर्षों से सेवाएं दे रहे शिक्षकों के अधिकारों को प्रभावित करना उचित नहीं माना जा सकता। आंदोलन की चेतावनी महासंघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन का पहला चरण है। यदि सरकार द्वारा शिक्षकों की मांगों पर विचार नहीं किया गया तो संगठन प्रदेश और राष्ट्रीय स्तर पर व्यापक आंदोलन करेगा। महासंघ का कहना है कि वह किसी भी शिक्षक की नौकरी पर संकट नहीं आने देगा और आवश्यकता पड़ने पर सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष किया जाएगा। शिक्षकों ने उठाई स्थायी समाधान की मांग ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि भारत सरकार संसद में आवश्यक विधायी संशोधन या विशेष प्रावधान लाकर पूर्व से कार्यरत शिक्षकों को स्थायी राहत प्रदान करे। साथ ही सभी राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी कर शिक्षकों में व्याप्त असमंजस को समाप्त किया जाए। कार्यक्रम में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के जिला एवं ब्लॉक स्तरीय पदाधिकारी, शिक्षक एवं शिक्षिकाएं बड़ी संख्या में मौजूद रहे। बांदा में हुआ यह प्रदर्शन शिक्षा व्यवस्था और शिक्षक सेवा सुरक्षा से जुड़े एक महत्वपूर्ण मुद्दे को सामने लाता है। फिलहाल शिक्षकों की मांगों पर सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि संबंधित सरकारें और शिक्षा विभाग इस विषय पर क्या रुख अपनाते हैं और शिक्षकों की चिंताओं का समाधान किस प्रकार किया जाता है। 🟥 ND NEWS की अपील शिक्षा किसी भी राष्ट्र की प्रगति की आधारशिला है। शिक्षक समाज निर्माण के प्रमुख स्तंभ हैं। सरकार, न्यायपालिका, शिक्षा विभाग और शिक्षक संगठनों को संवाद और संवैधानिक प्रक्रियाओं के माध्यम से ऐसा समाधान निकालना चाहिए जिससे शिक्षा व्यवस्था मजबूत हो और शिक्षकों के अधिकार भी सुरक्षित रहें। 👇👇 @bandapolice @PMOIndia @EduMinOfIndia @myogiadityanath @CMOfficeUP @UPGovt @InfoDeptUP @ChiefSecyUP @DMBanda @basicshiksha_up @UPGovtNews 👇👇 #NDNews #दैनिकनिष्पक्षधारा #Banda #NationalEducationalFederation #TET #TeacherNews #EducationNews #UPTeachers #TeachersProtest #BandaNews #EducationPolicy #UPGovernment #TeacherRights #BreakingNews 👇👇 🟥 ND NEWS | दैनिक निष्पक्ष धारा मुख्य संपादक / संस्थापक: राजन सिंह हाड़ा सह-संपादक: शालिनी सिंह भदौरिया 📍 कार्यालय-3: U158, हीरा स्वीट्स के पास, विकास मार्ग, लक्ष्मी नगर, पूर्वी दिल्ली, पिन कोड – 110092 (NCR) 📍 कार्यालय-2: विधानसभा रोड, बर्लिंगटन चौराहा, लखनऊ – 226001 (UP) 📍 कार्यालय-1: 1/1 अटल बिहारी चौराहा, नियर बर्मा चौराहा, फतेहपुर – 212601 (UP) 📅 दिनांक: 18 जून 2026 📆 दिन: गुरुवार 📞 मोबाइल: 9696119696
Fatehpur, Fatehpur | Jun 18, 2026

📢 **टीईटी अनिवार्यता के विरोध में शिक्षकों का प्रदर्शन** देवरिया में राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के बैनर तले हजारों शिक्षकों ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर प्रधानमंत्री, केंद्रीय शिक्षा मंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों की मांग है कि 23 अगस्त 2010 तथा उत्तर प्रदेश में टीईटी लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी की अनिवार्यता से स्थायी रूप से मुक्त किया जाए और उनके सेवा अधिकार, वरिष्ठता, पदोन्नति व अन्य लाभों का संरक्षण सुनिश्चित किया जाए। महासंघ पदाधिकारियों ने कहा कि पूर्व में निर्धारित नियमों के तहत नियुक्त शिक्षकों पर बाद में लागू किए गए मानदंडों को पूर्व प्रभाव से लागू करना न्यायसंगत नहीं है। सरकार से शिक्षकों के हित में जल्द सकारात्मक निर्णय लेने की मांग की गई। #Deoria #TET #Teachers #NationalEducationalFederation #DeoriaNews #UPNews #Education #TeacherProtest #DeoriaPost
Salempur, Deoria | Jun 18, 2026