
#कंडोलिया महोत्सव में सब मंजूर, दीपावली में सब नामंजूर? #पौड़ी में कंडोलिया महोत्सव संपन्न हो गया, लेकिन जाते-जाते कई सवाल छोड़ गया। महोत्सव के दौरान सड़क किनारे छोटी दुकानों, फड़ और फल विक्रेताओं को खुली छूट मिली, जबकि दीपावली आते ही यही दुकानें अचानक नियम-कायदों के दायरे में आ जाती हैं। सवाल यह है कि नियम अवसर देखकर बदलते हैं या सभी के लिए एक जैसे होने चाहिए? यदि महोत्सव में छोटे व्यापारियों को रोज़गार देना सही है, तो दीपावली पर उन्हें रोकना कितना उचित है? और यदि दीपावली पर रोक जरूरी है, तो महोत्सव में छूट क्यों? 🤔 क्या यह दोहरी नीति नहीं है? आपकी क्या राय है— ✅ दीपावली के समय भी छोटी व फड़ की दुकानें लगनी चाहिए? ❌ या फिर नियम सभी आयोजनों में समान रूप से लागू होने चाहिए? कमेंट में अपनी राय जरूर दें, क्योंकि सवाल सिर्फ दुकानों का नहीं, बल्कि नियमों की समानता का भी है। #Pauri #KandoliaMahotsav #Deepawali #VyaparMandal #DoubleStandards #PauriGarhwal
Pauri, Garhwal | Jun 22, 2026

चालान आम जनता का, नियमों से छूट किसको? बिना हेलमेट दिखे वर्दीधारी तो उठे बड़े सवाल!#ViralNews #HelmetRule #TrafficPolice #LawForAll #DoubleStandards #PublicQuestion #RoadSafety #BreakingNews #UPNews #ViralVideo
Budaun, Budaun | Jun 2, 2026

पुत्र मोह” सबको मंजूर, फिर आनंद मोहन पर ही वार क्यों? #AnandMohan #DoubleStandards #LoveForSons #EqualityMatters #Justi...
Bihar, India | May 23, 2026

“तुम करो तो रासलीला, हम करें तो कैरेक्टर ढीला” —🐟🕉️ #DoubleStandards #IndianPolitics
Rae Bareli, Raebareli | Apr 24, 2026
दो चेहरे, एक देश — हिंसा पर चुप क्यों है मीडिया? #DoubleStandards #MediaHypocrisy
Rae Bareli, Raebareli | Feb 24, 2026