नॉर्दर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (NCL) की दुधीचुआ परियोजना अंतर्गत संचालित कैलिबर माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड (CMPL) चड्ढा माइंस में कार्यरत लगभग 700 श्रमिक आखिर किन परिस्थितियों में अपना जीवन गुजार रहे हैं?
श्रमिकों के रहने और सोने के लिए छोटे-छोटे कैंप बनाए गए हैं दीवारें लोहे और स्टील की चादरों से खड़ी हैं और सोने के लिए लोहे के बेड एक के ऊपर एक लगाए गए हैं सवाल यह है कि अगर किसी दिन कोई बड़ा हादसा हुआ तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
क्या प्रशासन किसी हादसे का इंतजार कर रहा है?
क्या कंपनी प्रबंधन को श्रमिकों की जिंदगी से ज्यादा सिर्फ उत्पादन की चिंता है?
क्या जिम्मेदार अधिकारी मौके पर जाकर इन कैंपों की जांच करने की हिम्मत दिखाएंगे?
यह सिर्फ एक वीडियो नहीं है… यह उन लगभग 700 परिवारों की सुरक्षा का सवाल है, जिनके घरों में उनके अपनों का इंतजार हो रहा है
आज हम सवाल नहीं उठाएंगे तो कल किसी हादसे के बाद प्रशासन और कंपनी प्रबंधन की वही पुरानी कहानी होगी जांच के आदेश, बयान और जिम्मेदारी से बचने की कोशिश
इसलिए समय रहते आवाज उठाइए वीडियो देखिए… खुद फैसला कीजिए… और अगर आपको भी लगता है कि श्रमिकों की सुरक्षा के साथ समझौता हो रहा है, तो इसे शेयर कीजिए
क्योंकि सवाल सिर्फ 700 श्रमिकों का नहीं है… सवाल है उनके परिवारों का, उनके बच्चों का और उन घरों का जहां हर दिन कोई उनका इंतजार करता है
#Singrauli #NCL #Dudhichua #CMPL #ChadhaMines #WorkerSafety #LabourSafety
Singrauli, Singrauli | Jul 20, 2026