
पहली बारिश में डूबा कलेक्ट्रेट का मुख्य गेट, जनसुनवाई में पहुंचे लोगों को तालाब पार कर पहुंचना पड़ा बैतूल में पहली तेज बारिश ने खोली प्रशासनिक तैयारियों की पोल, कलेक्ट्रेट गेट पर भरा तालाब बैतूल जिला मुख्यालय पर मंगलवार दोपहर करीब 2 बजे हुई तेज बारिश ने प्रशासनिक व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। बारिश के कुछ ही देर बाद कलेक्ट्रेट कार्यालय के मुख्य गेट पर भारी जलभराव हो गया, जिससे पूरा परिसर तालाब जैसा नजर आने लगा। मंगलवार को आयोजित होने वाली जनसुनवाई में अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे लोगों को पानी से होकर गुजरना पड़ा। आवेदकों ने बताया कि कलेक्ट्रेट जैसे महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय के प्रवेश द्वार पर जलभराव होना गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह बारिश का पहला दौर है, और अगर अभी से ये हालात हैं तो आने वाले मानसून में स्थिति और भी भयावह हो सकती है। लोगों ने प्रशासन से कलेक्ट्रेट परिसर के सामने जल निकासी की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि आम नागरिकों को परेशानी का सामना न करना पड़े। #MadhyaPradesh #RainAlert #MonsoonUpdate #Waterlogging #Administration #PublicIssue #ViralNews #TrendingNow #GroundReport #CitizenVoice
Huzur, Bhopal | Jun 16, 2026

सच्चे जोत का आपातकालीन बंकर बदहाल, यात्रियों की सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल पांगी/चम्बा। पांगी घाटी को जिला मुख्यालय चम्बा से जोड़ने वाले दुर्गम एवं महत्वपूर्ण सच्चे जोत मार्ग पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा वर्षों पहले एक आपातकालीन बंकर का निर्माण किया गया था। इस बंकर का उद्देश्य खराब मौसम, भारी बर्फबारी, भूस्खलन अथवा वाहन खराब होने जैसी आपातकालीन परिस्थितियों में यात्रियों को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध करवाना था। लेकिन वर्तमान समय में यह बंकर स्वयं बदहाली का शिकार हो चुका है और यात्रियों के लिए किसी भी प्रकार की राहत देने की स्थिति में नहीं है। हाल ही में किए गए निरीक्षण के दौरान बंकर की स्थिति बेहद चिंताजनक पाई गई। बंकर के अंदर भारी मात्रा में बर्फ जमा हुई है, जिससे इसका अधिकांश हिस्सा उपयोग के योग्य नहीं रह गया है। वहीं इसकी छत भी कई स्थानों से पूरी तरह क्षतिग्रस्त और टूटी हुई दिखाई दे रही है। ऐसी स्थिति में यदि कोई यात्री खराब मौसम या किसी अन्य आपातकालीन कारण से सच्चे जोत में फंस जाता है, तो उसे सुरक्षित आश्रय मिलने की उम्मीद भी नहीं रह जाती। सच्चे जोत प्रदेश के सबसे कठिन और जोखिम भरे दर्रों में गिना जाता है। यहां मौसम कभी भी अचानक बदल सकता है और कई बार वाहन तकनीकी खराबी के कारण घंटों तक रास्ते में फंसे रहते हैं। ऐसे समय में यह बंकर यात्रियों के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकता था, लेकिन इसकी वर्तमान हालत चिंता का विषय बन गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि संबंधित विभाग द्वारा समय-समय पर बंकर के रखरखाव और मरम्मत की ओर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया, जिसके कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है। लोगों ने मांग की है कि आगामी यात्रा सीजन और सर्दियों के मौसम को ध्यान में रखते हुए बंकर की तत्काल मरम्मत कर इसे फिर से उपयोग योग्य बनाया जाए। क्षेत्र के नागरिकों का कहना है कि यदि भविष्य में कोई बड़ा हादसा या आपातकालीन स्थिति उत्पन्न होती है और यात्रियों को सुरक्षित आश्रय नहीं मिल पाता, तो इसके लिए संबंधित विभाग की लापरवाही जिम्मेदार मानी जाएगी। उन्होंने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से आग्रह किया है कि सच्चे जोत स्थित इस महत्वपूर्ण आपातकालीन बंकर की जल्द से जल्द मरम्मत कर यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि सच्चे जोत में भारी बर्फबारी, वाहन खराब होने या अन्य किसी आपदा के कारण यात्री फंस जाते हैं, तो उन्हें सुरक्षित आश्रय कहां मिलेगा? #SachPass #PangiValley #Chamba #HimachalPradesh #PublicWorksDepartment #EmergencyShelter #RoadSafety #TravelerSafety #Infrastructure #MountainRoads #HimalayanRegion #PublicConcern #TouristSafety #Snowfall #BreakingNews #PangiNews #ChambaNews #HimachalNews #DevelopmentIssues #CitizenVoice हिम संदेश Pangi Administration
Pangi, Chamba | Jun 2, 2026