
तंजीम उलेमा-ए-अहले सुन्नत व जमात लोहरदगा की ज़िलाई मीटिंग हुस्न-ओ-खूबी के साथ संपन्न हुई कल बरोज़ इतवार तंजीम उलेमा-ए-अहले सुन्नत व जमात लोहरदगा की जानिब से मरकज़ुल हिदाया में एक बेहद अहम और मक़सदपूर्ण ख़ास मीटिंग का आयोजन किया गया, जिसकी सदारत हज़रत हाफ़िज़ व क़ारी फ़ैज़ान अनवर नोमानी साहब ने फ़रमाई। इस इजलास में इलाके के मुअज्ज़िज़ उलेमा-ए-कराम, इमाम मसाजिद और दीनी ज़िम्मेदारान की बड़ी तादाद ने शिरकत की। प्रोग्राम का आगाज़ तिलावत-ए-क़लाम-ए-पाक से बेहद रूहानी माहौल में किया गया, जिसके बाद नात-ए-रसूल-ए-मक़बूल ﷺ पेश की गई। इसके बाद बाक़ायदा तौर पर इजलास का आगाज़ हुआ और मुक़र्रर एजेंडे के तहत माह-ए-मुहर्रमुल हराम की अज़मत व अहमियत को सामने रखते हुए इस मुक़द्दस महीने में फैलने वाली गैर-शरई रसूमात, खुराफ़ात और गलत रिवाजों की रोकथाम के हवाले से तफ़सीली बातचीत की गई। इजलास में मौजूद उलेमा व इमाम कराम ने एक के बाद एक अपने क़ीमती मशवरे और राय पेश किए और इस बात पर ज़ोर दिया कि अवामुन्नास की सही रहनुमाई वक्त की अहम ज़रूरत है, ताकि लोग दीन-ए-इस्लाम की सही तालीमात को समझ सकें और बिदअत व खुराफ़ात से बच सकें। इस मौके पर क़ारी शमीम रज़वी साहब ने अपने खिताब में फ़रमाया कि माह-ए-मुहर्रमुल हराम एक बेहद मुक़द्दस और बरकत वाला महीना है, जिसमें हमें सब्र, इबादत और नेकियों की कसरत करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ढोल-बाजे, मुरव्वजा ताज़िया-दारी, मस्नूई क़ब्रों की चादरपोशी और दूसरी गैर-शरई रसूमात सरासर नाजायज़ हैं, लिहाज़ा मुसलमानों को इनसे मुकम्मल तौर पर परहेज़ करना चाहिए। उन्होंने मज़ीद कहा कि इस बरकत वाले महीने में रोज़ा रखने का खास एहतमाम किया जाए, अपने घरों में फ़ातिहा, क़ुरआनख़्वानी, ज़िक्र व अज़कार और सदक़ा व ख़ैरात जैसे आमाल को फ़रोग़ दिया जाए, ताकि अल्लाह तआला की रज़ा हासिल हो और समाज में नेकी और इस्लाह का माहौल क़ायम हो। इजलास के इख़्तिताम पर इस बात का अज़्म किया गया कि उलेमा-ए-कराम और इमाम मसाजिद अपने-अपने इलाकों में अवाम की इस्लाह के लिए भरपूर कोशिश करेंगे और मुहर्रमुल हराम के दौरान होने वाली खुराफ़ात को रोकने के लिए बेदारी मुहिम चलाएंगे। इस अहम नशिस्त में मौलाना मुनव्वर साहब, मौलाना रिज़वान साहब, हाफ़िज़ मक़बूल साहब, मौलाना ज़ीशान साहब, मौलाना ऐनुल हक़ साहब, क़ारी यूसुफ साहब, मौलाना सज्जाद नईमी साहब और दीगर उलेमा-ए-कराम शरीक रहे। आख़िर में दुआ के साथ प्रोग्राम का इख़्तिताम हुआ, जिसमें उम्मत-ए-मुस्लिमह की भलाई, अम्न व सलामती और दीन की सरबलंदी के लिए ख़ुसूसी दुआ की गई। मीडिया इंचार्ज: मौलाना अब्दुस समद saqafi #monuvlogslohardaga #lohardaga #JharkhandNews #lohardaga_public #brotherhood
Lohardaga, Lohardaga | Jun 22, 2026

अभिजीत दीपके ने जुनैद और मोहम्मद के सहयोग को सराहा #Brotherhood #Support #Humanity #Gratitude
Gautam Buddha Nagar, Gautam Buddh Nagar | Jun 22, 2026

मुहर्रम पर इंसानियत की मिसाल! आरिफपुर नवादा में भूरे पहलवान समेत युवाओं ने राहगीरों को पिलाया ठंडा शरबत | #Muharram #ArifpurNawada #Budaun #HumanityFirst #SocialService #Brotherhood #BadaunNews #BreakingNews
Hardwar, Haridwar | Jun 20, 2026

मोहर्रम को लेकर हापुड़ में प्रशासन अलर्ट मोड पर! "मोहर्रम इंसानी तारीख का सबसे बड़ा जख्म है" — कर्बला की याद में हापुड़ जिले में इस बार 39 मजलिसों और 30 ताजिया जुलूसों का आयोजन होगा। इसे देखते हुए पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। 👮♂️ संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात 📹 ड्रोन कैमरों और CCTV से निगरानी 🚔 जुलूस मार्गों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था 📱 सोशल मीडिया पर भी रहेगी कड़ी नजर मोहर्रम केवल गम का महीना नहीं, बल्कि सत्य, इंसाफ, सब्र और कुर्बानी का संदेश देने वाला अवसर है। कर्बला की शहादत आज भी पूरी इंसानियत को अन्याय के खिलाफ खड़े होने की प्रेरणा देती है। 🙏 प्रशासन और धर्मगुरुओं ने सभी लोगों से शांति, सौहार्द और भाईचारे के साथ मोहर्रम मनाने की अपील की है। 💬 कर्बला के पैगाम पर अपनी राय कमेंट में जरूर लिखें। 👍 पोस्ट पसंद आए तो Like करें। 📢 ज्यादा से ज्यादा Share करें। #Muharram #Karbala #ImamHussain #YaHussain #Hapur #HapurNews #UPNews #TaziaJuloos #Moharram #Ashura #BreakingNews #HindiNews #LatestNews #UttarPradesh #NewsUpdate #TrendingNews #Peace #Brotherhood #KarbalaMessage 🕌🖤
Parliament Street, New Delhi | Jun 18, 2026

कर्णप्रयाग में हुए विवाद के बाद गोविंदघाट गुरुद्वारा प्रबंधन ने श्रद्धालुओं से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है। गुरुद्वारा प्रबंधक सरदार सेवा सिंह ने एक वीडियो संदेश जारी कर सभी सिख श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान मर्यादा, अनुशासन और शांतिपूर्ण व्यवहार बनाए रखने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं का सम्मान करना सभी यात्रियों की जिम्मेदारी है। किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें और प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें। उन्होंने श्रद्धालुओं से यात्रा को शांतिपूर्ण ढंग से पूरा करने तथा आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की। #Karnprayag #Govindghat #SikhPilgrims #Uttarakhand #PeaceAppeal #HemkundSahib #CharDhamYatra #Chamoli #UttarakhandNews #KedarTimes #Brotherhood #DevbhoomiUttarakhand
Uttarakhand, India | Jun 17, 2026