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Bihar news : बिहार का सरकारी अस्पताल अब गुंडागर्दी का अड्डा बन चुका है.. यहां डॉक्टर का नकाब पहने गुंडे न सिर्फ मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे है बल्कि उनके खिलाफ खबर दिखाने वाले पर जानलेवा हमला भी हो रहा है... आज पश्चिमी चंपारण के बेतिया gmch सरकारी अस्पताल में जो हुआ उसने पूरे सूबे की कानून व्यवस्था और स्वास्थ्य महकमा को कटघरे में लाकर खड़ा कर दिया है.. यहां डॉक्टरों की पढ़ाई करने वाले मेडिकल छात्रों ने न सिर्फ मर्यादा की धज्जियां उड़ाईं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी पत्रकारों पर भी जानलेवा हमला कर दिया.. पत्रकारों पर हुए इस बर्बर हमले के खिलाफ भाकपा ने मोर्चा खोल दिया है। बेतिया की सड़कों पर आज जोरदार प्रदर्शन हुआ, जहाँ भाकपा कार्यकर्ताओं ने अस्पताल प्रशासन और दोषी छात्रों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पार्टी की एक ही मांग है— 'दोषी मेडिकल छात्रों और डॉक्टरों को तुरंत गिरफ्तार करो!' मगर आपके मन में यह सवाल होगा कि आखिर बुधवार 17 जून को ऐसा क्या हुआ था? दरअसल, अस्पताल में एक प्रसूता की मौत के बाद मेडिकल छात्रों और परिजनों के बीच मारपीट हो रही थी। जब जिले के कुछ पत्रकार इस मामले की सच्चाई कवरेज करने अस्पताल पहुंचे, तो इन 'दबंग' मेडिकल छात्रों का गुस्सा पत्रकारों पर फूट पड़ा। हद तो तब हो गई जब डॉक्टरों की शक्ल में छिपे इन गुंडों ने पत्रकारों को घंटों बंधक बनाए रखा, उनके मोबाइल फोन छीनकर तोड़ दिए और... एक पत्रकार पर सर्जिकल ब्लेड से जानलेवा हमला कर दिया! जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया...  अब आप ही सोचिए भला इन छात्रों में इतना दुस्साहस आता कहाँ से है? भाकपा के जिला सचिव ओमप्रकाश क्रांति ने सीधे तौर पर प्रशासन को घेरा है। उनका कहना है कि GMCH में इस तरह की दबंगई पहली बार नहीं हुई है। इससे पहले भी मरीजों के परिजनों और जीविका दीदियों को बेरहमी से पीटा गया, लेकिन प्रशासन कान में तेल डालकर सोता रहा। कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे इन छात्रों के हौसले बुलंद हो गए। सिर्फ GMCH ही क्यों, योगपट्टी PHC से भी डॉक्टरों की बदसलूकी के मामले सामने आए हैं। साफ है कि जिले के सिविल सर्जन का अपनी ही स्वास्थ्य व्यवस्था पर कोई कंट्रोल नहीं है! पश्चिम चंपारण में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है... पत्रकारों पर ब्लेड से हमला सीधे तौर पर लोकतंत्र की हत्या है। अगर स्वास्थ्य मंत्री ने तुरंत संज्ञान नहीं लिया और दोषी छात्रों को जेल नहीं भेजा, तो भाकपा पूरे जिले में चक्का जाम करेगी और आंदोलन को और उग्र करेगी।
#BettiahGMCH #WestChamparan #BiharNews #JournalistAttack #PressFreedom #MedicalStudents #GMCHViolence #HealthcareCrisis #JusticeForJournalists #SaveDemocracy #DoctorsOrGoons #BiharHealthSystem #CPIMProtest #HospitalViolence #MediaUnderAttack #LawAndOrder #BreakingNews #Bettiah #WestChamparanNews #BiharPolitics

Bihar news : बिहार का सरकारी अस्पताल अब गुंडागर्दी का अड्डा बन चुका है.. यहां डॉक्टर का नकाब पहने गुंडे न सिर्फ मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे है बल्कि उनके खिलाफ खबर दिखाने वाले पर जानलेवा हमला भी हो रहा है... आज पश्चिमी चंपारण के बेतिया gmch सरकारी अस्पताल में जो हुआ उसने पूरे सूबे की कानून व्यवस्था और स्वास्थ्य महकमा को कटघरे में लाकर खड़ा कर दिया है.. यहां डॉक्टरों की पढ़ाई करने वाले मेडिकल छात्रों ने न सिर्फ मर्यादा की धज्जियां उड़ाईं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी पत्रकारों पर भी जानलेवा हमला कर दिया.. पत्रकारों पर हुए इस बर्बर हमले के खिलाफ भाकपा ने मोर्चा खोल दिया है। बेतिया की सड़कों पर आज जोरदार प्रदर्शन हुआ, जहाँ भाकपा कार्यकर्ताओं ने अस्पताल प्रशासन और दोषी छात्रों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पार्टी की एक ही मांग है— 'दोषी मेडिकल छात्रों और डॉक्टरों को तुरंत गिरफ्तार करो!' मगर आपके मन में यह सवाल होगा कि आखिर बुधवार 17 जून को ऐसा क्या हुआ था? दरअसल, अस्पताल में एक प्रसूता की मौत के बाद मेडिकल छात्रों और परिजनों के बीच मारपीट हो रही थी। जब जिले के कुछ पत्रकार इस मामले की सच्चाई कवरेज करने अस्पताल पहुंचे, तो इन 'दबंग' मेडिकल छात्रों का गुस्सा पत्रकारों पर फूट पड़ा। हद तो तब हो गई जब डॉक्टरों की शक्ल में छिपे इन गुंडों ने पत्रकारों को घंटों बंधक बनाए रखा, उनके मोबाइल फोन छीनकर तोड़ दिए और... एक पत्रकार पर सर्जिकल ब्लेड से जानलेवा हमला कर दिया! जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया... अब आप ही सोचिए भला इन छात्रों में इतना दुस्साहस आता कहाँ से है? भाकपा के जिला सचिव ओमप्रकाश क्रांति ने सीधे तौर पर प्रशासन को घेरा है। उनका कहना है कि GMCH में इस तरह की दबंगई पहली बार नहीं हुई है। इससे पहले भी मरीजों के परिजनों और जीविका दीदियों को बेरहमी से पीटा गया, लेकिन प्रशासन कान में तेल डालकर सोता रहा। कोई कार्रवाई नहीं हुई, जिससे इन छात्रों के हौसले बुलंद हो गए। सिर्फ GMCH ही क्यों, योगपट्टी PHC से भी डॉक्टरों की बदसलूकी के मामले सामने आए हैं। साफ है कि जिले के सिविल सर्जन का अपनी ही स्वास्थ्य व्यवस्था पर कोई कंट्रोल नहीं है! पश्चिम चंपारण में स्वास्थ्य व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है... पत्रकारों पर ब्लेड से हमला सीधे तौर पर लोकतंत्र की हत्या है। अगर स्वास्थ्य मंत्री ने तुरंत संज्ञान नहीं लिया और दोषी छात्रों को जेल नहीं भेजा, तो भाकपा पूरे जिले में चक्का जाम करेगी और आंदोलन को और उग्र करेगी। #BettiahGMCH #WestChamparan #BiharNews #JournalistAttack #PressFreedom #MedicalStudents #GMCHViolence #HealthcareCrisis #JusticeForJournalists #SaveDemocracy #DoctorsOrGoons #BiharHealthSystem #CPIMProtest #HospitalViolence #MediaUnderAttack #LawAndOrder #BreakingNews #Bettiah #WestChamparanNews #BiharPolitics

Bettiah, West Champaran | Jun 19, 2026

Bihar news : बिहार का सरकारी अस्पताल अब गुंडागर्दी का अड्डा बन चुका है.. यहां डॉक्टर का नकाब पहने गुंडे न सिर्फ मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे है बल्कि उनके खिलाफ खबर दिखाने वाले पर जानलेवा हमला भी हो रहा है...
आज पश्चिमी चंपारण के बेतिया gmch सरकारी अस्पताल में जो हुआ उसने पूरे सूबे की कानून व्यवस्था और स्वास्थ्य महकमा को कटघरे में लाकर खड़ा कर दिया है.. यहां डॉक्टरों की पढ़ाई करने वाले मेडिकल छात्रों ने न सिर्फ मर्यादा की धज्जियां उड़ाईं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी पत्रकारों पर भी जानलेवा हमला कर दिया.. पत्रकारों पर हुए इस बर्बर हमले के खिलाफ भाकपा ने मोर्चा खोल दिया है। बेतिया की सड़कों पर आज जोरदार प्रदर्शन हुआ, जहाँ भाकपा कार्यकर्ताओं ने अस्पताल प्रशासन और दोषी छात्रों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पार्टी की एक ही मांग है— 'दोषी मेडिकल छात्रों और डॉक्टरों को तुरंत गिरफ्तार करो!'

मगर आपके मन में यह सवाल होगा कि आखिर बुधवार 17 जून को ऐसा क्या हुआ था? दरअसल, अस्पताल में एक प्रसूता की मौत के बाद मेडिकल छात्रों और परिजनों के बीच मारपीट हो रही थी। जब जिले के कुछ पत्रकार इस मामले की सच्चाई कवरेज करने अस्पताल पहुंचे, तो इन 'दबंग' मेडिकल छात्रों का गुस्सा पत्रकारों पर फूट पड़ा।

हद तो तब हो गई जब डॉक्टरों की शक्ल में छिपे इन गुंडों ने पत्रकारों को घंटों बंधक बनाए रखा, उनके मोबाइल फोन छीनकर तोड़ दिए और... एक पत्रकार पर सर्जिकल ब्लेड से जानलेवा हमला कर दिया! जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया... 
 अब आप ही सोचिए भला इन छात्रों में इतना दुस्साहस आता कहाँ से है? भाकपा के जिला सचिव ओमप्रकाश क्रांति ने सीधे तौर पर प्रशासन को घेरा है। उनका कहना है कि GMCH में इस तरह की दबंगई पहली बार नहीं हुई है। इससे पहले भी मरीजों के परिजनों और जीविका दीदियों को बेरहमी से पीटा गया। 
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Bihar news : बिहार का सरकारी अस्पताल अब गुंडागर्दी का अड्डा बन चुका है.. यहां डॉक्टर का नकाब पहने गुंडे न सिर्फ मरीजों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहे है बल्कि उनके खिलाफ खबर दिखाने वाले पर जानलेवा हमला भी हो रहा है... आज पश्चिमी चंपारण के बेतिया gmch सरकारी अस्पताल में जो हुआ उसने पूरे सूबे की कानून व्यवस्था और स्वास्थ्य महकमा को कटघरे में लाकर खड़ा कर दिया है.. यहां डॉक्टरों की पढ़ाई करने वाले मेडिकल छात्रों ने न सिर्फ मर्यादा की धज्जियां उड़ाईं, बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ यानी पत्रकारों पर भी जानलेवा हमला कर दिया.. पत्रकारों पर हुए इस बर्बर हमले के खिलाफ भाकपा ने मोर्चा खोल दिया है। बेतिया की सड़कों पर आज जोरदार प्रदर्शन हुआ, जहाँ भाकपा कार्यकर्ताओं ने अस्पताल प्रशासन और दोषी छात्रों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। पार्टी की एक ही मांग है— 'दोषी मेडिकल छात्रों और डॉक्टरों को तुरंत गिरफ्तार करो!' मगर आपके मन में यह सवाल होगा कि आखिर बुधवार 17 जून को ऐसा क्या हुआ था? दरअसल, अस्पताल में एक प्रसूता की मौत के बाद मेडिकल छात्रों और परिजनों के बीच मारपीट हो रही थी। जब जिले के कुछ पत्रकार इस मामले की सच्चाई कवरेज करने अस्पताल पहुंचे, तो इन 'दबंग' मेडिकल छात्रों का गुस्सा पत्रकारों पर फूट पड़ा। हद तो तब हो गई जब डॉक्टरों की शक्ल में छिपे इन गुंडों ने पत्रकारों को घंटों बंधक बनाए रखा, उनके मोबाइल फोन छीनकर तोड़ दिए और... एक पत्रकार पर सर्जिकल ब्लेड से जानलेवा हमला कर दिया! जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया... अब आप ही सोचिए भला इन छात्रों में इतना दुस्साहस आता कहाँ से है? भाकपा के जिला सचिव ओमप्रकाश क्रांति ने सीधे तौर पर प्रशासन को घेरा है। उनका कहना है कि GMCH में इस तरह की दबंगई पहली बार नहीं हुई है। इससे पहले भी मरीजों के परिजनों और जीविका दीदियों को बेरहमी से पीटा गया। #BettiahGMCH #WestChamparan #BiharNews #JournalistAttack #PressFreedom #MedicalStudents #GMCHViolence #HealthcareCrisis #JusticeForJournalists #SaveDemocracy #DoctorsOrGoons #BiharHealthSystem #CPIMProtest #HospitalViolence #MediaUnderAttack #LawAndOrder #BreakingNews #Bettiah #WestChamparanNews #BiharPolitics

Bettiah, West Champaran | Jun 19, 2026

औरंगाबाद सदर अस्पताल की एम्बुलेंस ने दिया 'धक्का', स्टार्ट नहीं होने से मरीज परेशान।
राजद प्रवक्ता डॉ. रमेश यादव बोले- पूरे बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल।

*औरंगाबाद, 02 जून 2026*

औरंगाबाद सदर अस्पताल में आपातकालीन सेवा की पोल उस वक्त खुल गई, जब एक रेफर मरीज को हायर सेंटर ले जाने के लिए *एम्बुलेंस स्टार्ट ही नहीं हुई*। मंगलवार को अस्पताल परिसर में *धक्का देकर एम्बुलेंस चालू* करनी पड़ी, जिसके बाद मरीज को रवाना किया जा सका।

*1. क्या हुआ मौके पर:*  
सदर अस्पताल से एक गंभीर मरीज को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया था। परिजन और स्टाफ जब मरीज को लेकर एम्बुलेंस में पहुंचे तो *कई बार कोशिश के बाद भी गाड़ी स्टार्ट नहीं हुई*। करीब 15-20 मिनट तक अस्पताल कर्मियों और परिजनों ने *धक्का लगाया*, तब जाकर एम्बुलेंस चालू हुई और मरीज को ले जाया गया। इस दौरान मरीज और परिजन काफी परेशान रहे।

*2. स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल:*  
आपातकालीन सेवा के लिए तैनात एम्बुलेंस का इस हालत में होना *स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल* खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी गंभीर मरीज को तत्काल इलाज की जरूरत हो तो ऐसी स्थिति में *उसकी जान भी खतरे में पड़ सकती है*। 

*3. राजद का सरकार पर हमला:*  
घटना को लेकर *राजद जिला प्रवक्ता डॉ. रमेश यादव* ने स्वास्थ्य विभाग और सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा:  
"केवल औरंगाबाद ही नहीं, *पूरे बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल* है। अस्पतालों में चिकित्सकों की भारी कमी है। मरीजों को लगातार रेफर किया जाता है। ऊपर से एम्बुलेंस तक स्टार्ट नहीं होती। सरकार बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीन पर हालात शर्मनाक हैं। स्वास्थ्य सेवाओं को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है।"

*4. स्थानीय लोगों में आक्रोश:*  
स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों ने सदर अस्पताल समेत जिले के अन्य सरकारी अस्पतालों की *व्यवस्था में तत्काल सुधार* की मांग की है। लोगों का कहना है कि मेंटेनेंस के अभाव में एम्बुलेंस, लिफ्ट, बेड जैसी बुनियादी सुविधाएं भी ठप हैं।

*निष्कर्ष:*  
सदर अस्पताल में कुछ दिन पहले *लिफ्ट खराब होने* की घटना सामने आई थी, अब *एम्बुलेंस धक्का स्टार्ट* हो रही है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा रही हैं। 

#Aurangabad #SadarHospital #AmbulanceFail #BiharHealthSystem #RJD #DrRameshYadav #HealthCare #EmergencyService #BiharNews

औरंगाबाद सदर अस्पताल की एम्बुलेंस ने दिया 'धक्का', स्टार्ट नहीं होने से मरीज परेशान। राजद प्रवक्ता डॉ. रमेश यादव बोले- पूरे बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल। *औरंगाबाद, 02 जून 2026* औरंगाबाद सदर अस्पताल में आपातकालीन सेवा की पोल उस वक्त खुल गई, जब एक रेफर मरीज को हायर सेंटर ले जाने के लिए *एम्बुलेंस स्टार्ट ही नहीं हुई*। मंगलवार को अस्पताल परिसर में *धक्का देकर एम्बुलेंस चालू* करनी पड़ी, जिसके बाद मरीज को रवाना किया जा सका। *1. क्या हुआ मौके पर:* सदर अस्पताल से एक गंभीर मरीज को बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया था। परिजन और स्टाफ जब मरीज को लेकर एम्बुलेंस में पहुंचे तो *कई बार कोशिश के बाद भी गाड़ी स्टार्ट नहीं हुई*। करीब 15-20 मिनट तक अस्पताल कर्मियों और परिजनों ने *धक्का लगाया*, तब जाकर एम्बुलेंस चालू हुई और मरीज को ले जाया गया। इस दौरान मरीज और परिजन काफी परेशान रहे। *2. स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल:* आपातकालीन सेवा के लिए तैनात एम्बुलेंस का इस हालत में होना *स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल* खड़े करता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि किसी गंभीर मरीज को तत्काल इलाज की जरूरत हो तो ऐसी स्थिति में *उसकी जान भी खतरे में पड़ सकती है*। *3. राजद का सरकार पर हमला:* घटना को लेकर *राजद जिला प्रवक्ता डॉ. रमेश यादव* ने स्वास्थ्य विभाग और सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा: "केवल औरंगाबाद ही नहीं, *पूरे बिहार की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल* है। अस्पतालों में चिकित्सकों की भारी कमी है। मरीजों को लगातार रेफर किया जाता है। ऊपर से एम्बुलेंस तक स्टार्ट नहीं होती। सरकार बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन जमीन पर हालात शर्मनाक हैं। स्वास्थ्य सेवाओं को भगवान भरोसे छोड़ दिया गया है।" *4. स्थानीय लोगों में आक्रोश:* स्थानीय लोगों और मरीजों के परिजनों ने सदर अस्पताल समेत जिले के अन्य सरकारी अस्पतालों की *व्यवस्था में तत्काल सुधार* की मांग की है। लोगों का कहना है कि मेंटेनेंस के अभाव में एम्बुलेंस, लिफ्ट, बेड जैसी बुनियादी सुविधाएं भी ठप हैं। *निष्कर्ष:* सदर अस्पताल में कुछ दिन पहले *लिफ्ट खराब होने* की घटना सामने आई थी, अब *एम्बुलेंस धक्का स्टार्ट* हो रही है। लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाएं स्वास्थ्य विभाग की कार्यशैली पर सवालिया निशान लगा रही हैं। #Aurangabad #SadarHospital #AmbulanceFail #BiharHealthSystem #RJD #DrRameshYadav #HealthCare #EmergencyService #BiharNews

Aurangabad, Aurangabad | Jun 2, 2026

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