जिस प्रकार से यह शरीर पंचमहाभूतों से बना है इसी प्रकार से यह प्रकृति भी पांच तत्वों से बनी है हमें इसके संरक्षण के लिए निरंतर कार्य करना चाहिए जल, जंगल, गौ और पर्यावरण संरक्षण के लिए प्रस्फुटन समितियां अभियान चलाकर कार्य करें तभी ग्राम विकास की अवधारणा साकार होगी। उक्त बात उक्त बात जिला समन्वयक डॉ. शिवप्रताप सिंह ने कही वे जनअभियान परिषद की नवांकुर संस्था