इंदौर नगर निगम द्वारा सप्लाई किए गए दूषित एवं मल-मूत्र युक्त पानी के सेवन से 15 निर्दोष नागरिकों की मौत और हजारों लोगों के बीमार होने की दर्दनाक घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। इस गंभीर और संवेदनशील मुद्दे पर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय द्वारा मीडिया के सवालों के जवाब में “घंटा” जैसे अमर्यादित शब्दों का प्रयोग करना न केवल अमानवीय है