नालंदा जिले के पावापुरी स्थित विम्स (VIMS) पावापुरी में जहाँ एक ओर प्रशासन द्वारा निशुल्क वाहन पार्किंग की व्यवस्था का दावा किया गया है, वहीं दूसरी ओर अवैध वसूली के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि— जब पार्किंग पूरी तरह निशुल्क है, तो फिर आम लोगों से जबरन पैसे क्यों वसूले जा रहे हैं? संभावित कारण 1. ठेकेदार–प्रबंधन की मिलीभगत से गार्ड द्वारा अस्पताल परिसर में पार्किंग के नाम पर अवैध वसूली करते हैं, और प्रबंधन की ओर से सख्त कार्रवाई नहीं होती। 2. स्पष्ट सूचना बोर्ड का अभाव निशुल्क पार्किंग के स्पष्ट बोर्ड नहीं होने से मरीजों के परिजन भ्रमित हो जाते हैं, जिसका फायदा वसूली करने वाले उठाते हैं। 3. प्रशासनिक निगरानी की कमी नियमित जांच और सख्त निगरानी नहीं होने के कारण यह अवैध खेल लंबे समय से चलता आ रहा है। 4. डर और मजबूरी मरीजों के परिजन इलाज की चिंता में विरोध नहीं कर पाते, इसी मजबूरी का फायदा उठाकर उनसे पैसे ऐंठे जाते हैं। जनता के सवाल • क्या अस्पताल प्रशासन इस अवैध वसूली से अनजान है? • यदि अनजान नहीं है, तो कार्रवाई क्यों नहीं? • आखिर गरीब मरीजों के परिजनों की जेब पर डाका कब तक पड़ता रहेगा? समाधान क्या हो? • अस्पताल परिसर में बड़े और स्पष्ट बोर्ड लगाए जाएँ कि पार्किंग पूर्णतः निशुल्क है। • सीसीटीवी और सुरक्षा गार्ड की जिम्मेदारी तय हो। • जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग द्वारा तत्काल जांच कर दोषियों पर कार्रवाई हो। • शिकायत के लिए हेल्पलाइन नंबर सार्वजनिक किया जाए। यह मुद्दा सिर्फ अवैध वसूली का नहीं, बल्कि जनता के अधिकार और व्यवस्था की जवाबदेही का है। अब देखना यह है कि प्रशासन इस गंभीर मामले पर कब और क्या कार्रवाई करता है Sonu Singh