बहतराई गांव की महिला किसान श्रीमती भूरी बाई ने सीमित संसाधनों और। पारिवारिक जिम्मेदारियों के बीच खेती कर आर्थिक आत्मनिर्भरता हासिल की है। पारिवारिक दायित्वों के बीच खेती जैसा अथक श्रम का काम करना चुनौतीपूर्ण रहा। लेकिन कड़ी मेहनत और सरकार से मिल रहे सहयोग ने उनकी राह आसान बना दी। और वे अब आर्थिक रूप से न केवल सशक्त बन चुकी हैं।