रमना प्रखण्ड मुख्यालय निवासी आनंद ठाकुर के 20 वर्षीय पुत्र शुभम कुमार ने ऐसा निर्णय लिया है, जो आज के भौतिकवादी युग में दुर्लभ माना जा रहा है। उज्ज्वल भविष्य और उच्च वेतन वाली मर्चेंट नेवी की नौकरी को छोड़कर शुभम ने अध्यात्म का मार्ग चुन लिया है। दिल्ली में पढ़ाई के दौरान वृंदावन की यात्राओं ने उनके जीवन की दिशा बदल दी। संतों का सान्निध्य और भक्ति वातावरण से