शुक्रवार की सुबह से ही 8 बजे से ही हुरियारों की टोलियां ने गलियों में चहल कदमी शुरू कर दी। बुजुर्गों के साथ युवाओं और सभी उम्र के लोगों ने सामूहिक रूप से पूजन कर होलिका का दहन किया। जिसके बाद एक दूसरे को अबीर गुलाल लगा कर बड़ों का आशीर्वाद लेते हुए होली की बधाई दी।