पाठा गांव निवासी 60 वर्षीय रूपा धुरिया पुत्र धनीराम विकलांग व अविवाहित था और मकान में अकेला रहता था। बताया जाता है कि रूपा ने कमरे में आग जला रखी थी और इसी कमरे में लकड़ी कंडे का भंडारण था। वहीं भंडार की हुई लकड़ियों ने अचानक आग पकड़ ली। विकलांग होने के कारण वह आग की चपेट में आकर जिंदा जल गया। इस घटना से परिवार सहित ग्रामीणों ने शोक की लहर दौड़ गई है।