जिले के बैहर नगर के वार्ड क्रमांक 01 में रहने वाले गणेश पाण्डेय के लिए जीवन की सबसे बड़ी चिंता अपने परिवार के लिए सुरक्षित और सम्मानजनक आवास की थी। सीमित संसाधनों और मजबूरी भरे हालातों में उनका पूरा परिवार एक छोटे से कच्चे मकान में रहने को विवश था। पांच बेटों के साथ उस कच्चे घर में रहना दिन-ब-दिन कठिन होता जा रहा था, लेकिन पक्का मकान बनवाने का सपना केवल सपना