राजातालाब: सूर्योदय होते ही भगवान भास्कर को अर्घ्य प्रदान कर नववर्ष विक्रम संवत 2081 का काशी ने किया स्वागत
चैत्र शुक्ल 1 नए वर्ष का प्रथम दिवस है। इसीलिए इसे वर्ष प्रतिपदा कहते हैं। भारतीय प्राचीन वाङ्मय के अनुसार सृष्टि का प्रारम्भ इसी दिन से हुआ। सृष्टि-निर्माण दिवस की स्मृति के रूप में यह हमारी संस्कृति का उज्ज्वल और महत्त्वपूर्ण दिन है। ।