बालोद जिले के अंतिम छोर स्थित महामाया माइंस क्षेत्र में पर्यावरण प्रदूषण और रोजगार की मांग को लेकर कुमुरकट्टा, कोपेडेरा और नलकसा ग्राम पंचायतों के ग्रामीण पिछले 10 दिनों से धरने पर बैठे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि माइंस से बहकर आने वाले लाल पानी और उड़ती धूल से उनके खेत और स्वास्थ्य दोनों प्रभावित हो रहे हैं।