ग्राम बांगरदा में आयोजित पांच दिवसीय संत सिंगाजी परचरी पुराण कथा के तीसरे दिवस कथावाचक मुकेश बाबा ने संत सिंगाजी महाराज के जीवन चरित्र पर प्रकाश डालते हुए उनके बाल्य काल से यौवन अवस्था तक जो चमत्कार हुए उन्हें विस्तार से श्रवण कराया। आपने कहा कि संत सिंगाजी द्वारा भामगढ़ में राव लखमें सिंह की रियासत में पूर्ण ईमानदारी एवं निष्ठा के साथ नौकरी की।