मुंगांव गांव में वर्ष 1975-76 के दौरान सरकार द्वारा करीब एक दर्जन बासगीत पर्चाधारियों को आवासीय जमीन दी गई थी, ताकि भूमिहीन और गरीब परिवार उस पर घर बनाकर बस सकें। अब अचानक प्रशासन द्वारा अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों का आरोप है कि जिस जमीन को सरकार ने स्वयं बासगीत पर्चा के तहत दिया था।