अपने खून-पसीने से देश का पेट भरने वाला अन्नदाता आज दिन रविवार दिनाँक 14 दिसम्बर को शाम 5 बजे खुद संघर्ष के भंवर में फंसा है! नगर के खाद वितरण केंद्र से आई ये ताज़ा तस्वीरें व्यवस्था की पोल खोल रही हैं। जहाँ किसान को खेतों में होना चाहिए, वहाँ वह खाद की लंबी, थका देने वाली कतारों में खड़ा है!