जिले की इब और मांड नदी के किनारे इन दिनों फिर से पुरानी परंपरा लौट आई है। ग्रामीण और महिलाएं सुबह से शाम तक नदी की रेत छानकर सोने के महीन कण तलाशने में जुटे हैं। बुधवार की शाम 5 बजे ग्रामीण बताते हैं कि इस काम से उन्हें दिनभर की मजदूरी के बराबर आमदनी हो जाती है। कभी-कभी तो दो दिन की मजदूरी जितना सोना मिल जाता है। यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है।