परसिया: देश, समाज और धर्म के लिए कुर्बान हुए चार साहिबजादों को याद किया गया, शहीदी गाथा सुनकर नम हुईं आंखें
क्या दर्दनाक मंजर रहा होगा जब चार साहिबजादे शहीद हुए होंगे। कैसे अपने बच्चों की देश समाज और धर्म के लिए कुर्बानी दी गई होगी। इस मंजर को बुधवार को गुरुद्वारा गुर सिंघ सभा गुरुद्वारे में जब सुनाया गया तो हर आंखे नम हो गई। गुरुद्वारे में चार साहिबजादों के शहीदी दिवस पर पाठा साहब का समापन किया गया। गुरू का लंगर हुआ। लंगर 5 बजे तक चला।