अयोध्या के भव्य श्री राम मंदिर में 500 वर्षों की प्रतीक्षा के बाद प्रभु श्री राम के विग्रह की प्राण प्रतिष्ठा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति मानवीय मूल्यों और सर्वे भवंतु सुखना की भावना की पुनः स्थापना है। यह मंदिर भारत की आत्मा उसके दर्शन और राष्ट्र चेतना का प्रतीक बनकर उभरा है। इसी ऐतिहासिक अवसर से जुड़ी एक और शुभ शुरुआत रीवा में हुई थी।