मंत्री ने इस अवसर पर उन्होंने भारत की भाषाई व सांस्कृतिक विविधता को देश की पहचान व शक्ति बताते हुए कहा कि इस संगमम का उद्देश्य विभिन्न भाषाओं, साहित्य, संस्कृति और ज्ञान परंपराओं को एक मंच पर लाना है। मंत्री ने कार्यक्रम को अनोखा और विस्तृत बताते हुए इसके सफल आयोजन के लिए बीएचयू प्रशासन, स्थानीय नागरिकों तथा तमिलनाडु से आए प्रतिनिधियों को धन्यवाद दिया।