शहर के युवा कड़ाके की ठंड में हर रोज गोसेवा कर रहे है। रविवार की शाम को साढ़े 6 बजे को गोसेवा को ही परमो धर्म मानकर इन युवाओं ने हाथी दरवाजे से लेकर डाक बंगले तक सड़को पर भटकती बेसहारा गायों को आहार दिया है। 60 युवाओं का यह ग्रुप है, प्रत्येक युवा प्रतिदिन ₹50 मिलता है और एक लोडिंग वाहन में बड़ी मात्रा में हरा चारा भरकर के गायों को खिलाया जाता है।