कृषि विज्ञान केन्द्र अन्ता के वरिष्ठ वैज्ञानिक डा0 डी. के. सिंह ने बुधवार शाम 6 बजे जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष मावट की वर्षा भरपूर होने की वजह से किसान लहसुन की बुवाई बाह आने पर तुरन्त करें। बुवाई से पूर्व खेत में फफूंद रोग नियंत्रण हेतु ट्राइकोडर्मा 500 ग्राम प्रति बीघा की दर से भुरकाव कर सकते हैं। इसके बाद लहसुन में सिंचाई एक सप्ताह बाद करें।