रायसेन जिले से करीब 100 किलोमीटर दूर विंध्याचल पर्वत की तलहटी में स्थित संतों की तपोभूमि बापौली धाम आज आस्था, संस्कृति और सनातन चेतना का प्रमुख केंद्र बन गई। यहां आयोजित विशाल हिंदू सम्मेलन का शुभारंभ शंख ध्वनि और सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ के साथ हुआ।