आज 19 अक्टूबर शाम 6 बजे शुभम सूरमा ने कहा कि दीपावली केवल रोशनी का नहीं, बल्कि उम्मीद, समानता और सामाजिक एकता का पर्व है। हमारा प्रयास है कि समाज का कोई भी व्यक्ति इस उजाले से वंचित न रहे। शुभम सूरमा की इस पहल की लोगों ने सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में प्रेम सहयोग और एकता की भावना को मजबूत करते हैं।