विचार: उन्होंने "100 में 90 शोषित हैं, 90 भाग हमारा है" का प्रसिद्ध नारा दिया था और समाज के दबे-कुचले लोगों को जागरूक किया। व्यक्तित्व: वे एक निर्भीक नेता थे जिन्होंने शोषित समाज की लड़ाई लड़ी, इसीलिए उन्हें 'बिहार लेनिन' कहा जाता है। उनकी जयंती उन लोगों के लिए प्रेरणा है जो सामाजिक बराबरी में विश्वास रखते हैं।