बरेली: कथा वाचक ने कांवड़ यात्रा का विरोध करने वालों को कहा उल्लू का पट्ठा, कांवड़ियों पर कविता लिखने वाले को बताया नमक हराम
*कांवड़ यात्रा का विरोध करने वाले "उल्लू के पट्ठे"-कथावाचक:* कावड़ियों के खिलाफ कविता लिखने वाले नमक हराम, आस्था से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं- डॉ. बृजेश यादव ।श्रावण मास के पवित्र माह में देश भर में करोड़ों श्रद्धालु कांवड़ यात्रा पर निकलते हैं। लेकिन कांवड़ यात्रा को लेकर जुबानी जंग भी जारी है। बरेली के एक कवि और शिक्षक डॉ. रजनीश गंगवार की कविता *"कांवड़ ढोकर।