शिवपुरी शहर के कमलागंज घोसीपुरा में एक गरीब दिव्यांग परिवार पर मुसीबत का पहाड़ टूट पड़ा है। यहां रहने वाले एक पैर से दिव्यांग हेमंत जाटव और उनकी दृष्टिहीन पत्नी सुमित्रा के दोनों बच्चे जन्म से ही देख नहीं सकते। तीन साल की बेटी के बाद अब तीन दिन पहले जन्मे बेटे की आंखों में भी रोशनी नहीं है। डॉक्टरों ने इसे आनुवंशिक बीमारी बताया है।