सनावद मे राष्ट्र-संत महोपाध्याय ललितप्रभ सागर महाराज ने अग्रसेन धर्मशाला में सकल जैन समाज द्वारा 2 दिन तक जीवन जीने की कला प्रवचन के माध्यम से नागरिकों तक अपनी बात को रखा।सोमवार दोपहर दो बजे महाराज जी ने कहा कि ईंट, चूने और पत्थर से मकान का निर्माण होता है घर का नहीं। जहाँ बीबी-बच्चों के साथ माता-पिता और भाई-बहिनों को सम्मान से रखा जाता है।