वृंदावन से पधारे सुप्रसिद्ध कथावाचक श्रीहित कुलदीप कृष्ण जी महाराज ने अपनी मधुर वाणी से राम जी के जीवन प्रसंगों की व्याख्या की। उन्होंने बताया कि प्रभु राम का जीवन केवल एक कथा नहीं, बल्कि जीने की कला है। महाराज जी के भजनों और ओजपूर्ण व्याख्यान ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया।