सदर प्रखंड मैदान में आयोजित दो दिवसीय त्रिवेणी संगम संतमत सत्संग का चतुर्थ वार्षिक अधिवेशन रविवार को संपन्न हुआ। दूसरे दिन आचार्य अंग गौरव स्वामी श्रद्धानंद जी महाराज ने कहा कि गुरु ही सर्वोपरि हैं और गुरु वचनों को धारण करने से ही जीवन का कल्याण संभव है।उन्होंने कहा कि बाहरी आडंबर छोड़कर भीतर की मलीनता को दूर करना जरूरी है, क्योंकि भोलेनाथ हमारे भीतर ही हैं।