वासंत पंचमी की धूम के बाद मां सरस्वती की विदाई का क्षण आंखों को नम कर गया। भक्तों ने आंखों से दी गई विदाई के बीच गाजे-बाजे की धुन पर मूर्तियों का विशाल जुलूस सोन नदी तक ले जाकर विसर्जन किया। स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने यातायात व सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। महिलाएं-बच्चे नारे लगाते हुए आगे बढ़े, तो युवाओं ने ढोल-नगाड़ों पर थिरकते हुए माहौल बनाया।