कहते हैं कि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है, और जब कड़ाके की ठंड में किसी गरीब को सहारा मिल जाए, तो वो दुआ बन कर निकलता है। कुछ ऐसी ही मानवता की तस्वीर रांची के इटकी प्रखंड से सामने आई है।"बढ़ती कनकनी और हाड़ कंपा देने वाली ठंड को देखते हुए, समाजसेवी बबलू गोप और उनके परिवार ने अपने सामाजिक दायित्वों को बखूबी निभाया। 111 बुजुर्गों को कम्बल ओढाई। लोगों ने की सराहना।