बरेली: जातीय जनगणना: पसमांदा समाज की तरक्की की नई उम्मीद, मौलाना शहाबुद्दीन बोले- जातीय जनगणना से स्पष्ट होगी तस्वीर
जातीय जनगणना: पसमांदा समाज की तरक्की की नई उम्मीद।मौलाना शहाबुद्दीन बोले जातीय जनगणना से स्पष्ट होगी तस्वीर।जातीय जनगणना का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि इससे हिंदू और मुस्लिम समुदायों में मौजूद विभिन्न बिरादरियों की संख्या और स्थिति का पता चल सकेगा। यह साफ होगा कि कौन-कौन सी जातियाँ उच्च (आल्हा) और निम्न (अदना) वर्गों में आती हैं।