संगम की रेती पर प्रत्येक वर्ष आयोजित होने वाले माघ मेले में बड़ी संख्या में कल्पवासी कल्पवास करने के लिए आते हैं कल्पवास करने के बहुत ही कठिन नियम होते हैं मकर संक्रांति से लेकर माघी पूर्णिमा तक लगभग एक महीने तक संगम की रेती पर रहकर कल्पवासी जप तप करते हैं कल्पवास को लेकर दंडी संन्यासी महेशाश्रम जी महाराज बताते हैं कि सूर्य जब मकर राशि में प्रवेश