सामाजिक सुरक्षा, वित्तीय बोझ को कम करने और दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों को रोकने के लिए वर्ष 2006 में शुरू की गई मुख्यमंत्री कन्यादान विवाह/निकाह योजना वर्ष 2025 में हुए संशोधन के बाद गरीब कन्या अभिभावकों के लिए सिरदर्द बन चुकी है। अब इस योजना में 200 जोड़ों को ही शामिल करने का टारगेट तय कर दिया गया है और वधू पक्ष के लिए बीपीएल का राशन कार्ड की अनिवार्यता की गई