2 साल बाद अब संकल्प पूरा करने का समय आया तो यात्रा शुरू की साथ में वह बेटा भी उनकी यात्रा में सहयोगी बना जिसे उस समय तबीयत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने कह दिया था कि बचपन मुश्किल है।आस्था विश्वास और अदम्य साहस की अनुपम उदाहरण देखने को मिला जब श्रीमती गायत्री बाई पति महेश विनाक्या उम्र 42 वर्ष निवासी सन्नौद तहसील खातेगांव दंडवत यात्रा करते हुए नगर के मुख्य