उनके छोटे भाई का फोन आया कि मकान का मुख्य गेट खुला पड़ा है और ताला टूटा हुआ है। सूचना मिलते ही गोपीचंद व उनकी पत्नी तुरंत घर पहुंचे। घर पहुंचने पर देखा कि मेन गेट का ताला टूटा हुआ था और अंदर लोहे की अलमारियों व संदूकों के ताले भी टूटे हुए थे। पूरा सामान बिखरा पड़ा था और सोने-चांदी के जेवरात के डिब्बे खाली मिले।