प्रकृति जो आपको देता है, वह आपके लिए नहीं होती है। अपनी जरूरत का रखकर ,जरूरतमंदों को बांटना ही प्रकृति का नियम है।
दाऊ लोग के लिए यह बात "गीता-वाणी" है। - Chhattisgarh News
प्रकृति जो आपको देता है, वह आपके लिए नहीं होती है। अपनी जरूरत का रखकर ,जरूरतमंदों को बांटना ही प्रकृति का नियम है।
दाऊ लोग के लिए यह बात "गीता-वाणी" है।