लगभग 100वर्षो से अधिक पुरानी परम्परा की शुरुआत फूलचंद राम द्वारा की गई जिसे उनके पुत्र कैलाश प्रसाद राम एवं शिवप्रसाद राम इस परम्परा को आगे बढ़ाया, अब उनके प्रपौत्र और ग्रामीण इसे पूरा कर रहे है हर वर्ष 14-15अप्रेल को मनाया जाने वाला इस पर्व मे, पीट मे हुक डाल कर बैल गाड़ी खींचना, भक्त को टांग कर घुमाना, आदि कार्यक्रम होता है, इसके एक दिन पूर्व पूजा पाट औरबली