श्री सिद्ध क्षेत्र बालाजी मंदिर प्रांगण धर्मश्री अंबेडकर वार्ड में आयोजित अंतरराष्ट्रीय श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिवस शुक्रवार की दोपहर 2:30 बजे कथा व्यास इंद्रेश उपाध्याय जी ने कहा कि स्वप्न हमारी चित्त के भावों का दर्पण होते हैं। उन्होंने भक्त शिरोमणि मीरा बाई के जीवन प्रसंग सुनाते हुए बताया कि विवाह के पश्चात भी मीरा ने ठाकुर जी को ही अपना सर्वस्व माना।