लगभग 1800 दिनो से बिना कुछ खाए-पीए दादा गुरु रोज कई किलोमीटर पैदल चलते हैं, दौड़ते हैं और घंटों प्रवचन देते हैं. इसके बावजूद वे पूरी तरह स्वस्थ, ऊर्जावान और निरोगी हैं. इस कड़ाके की ठंड में भी वे सिर्फ एक लंगोट के अलावा तन पर कोई अन्य वस्त्र नहीं पहनते. बड़े-बड़े डॉक्टर और वैज्ञानिक भी यह समझ नहीं पा रहे हैं कि यह कैसे संभव है. गुरुवार सुबह 10 बजे