आसमान में पतंगों की चहल-पहल दिखी और न ही ‘वो काटा’ की गूंज सुनाई दी।जिससे दिनभर पर्व का उत्साह कम महसूस हुआ।हालांकि, बुधवार शाम 7:30बजे होते ही शहर का नजारा पूरी तरह बदल गया। लोग छतों पर जमा हो गए और देखते ही देखते आसमान में हजारों हॉट एयर बैलून कैंडल तैरने लगे। इन टिमटिमाते केंडलों ने आकाश को रोशनी से भर दिया। इसके साथ ही रंग-बिरंगी आतिशबाजी और रॉकेट जलाएं।